Crude Oil Prices: शिपिंग खर्च में भारी उछाल से बढ़ी मुसीबत, RBI के रेपो रेट हाइक के संकेत

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AuthorMehul Desai|Published at:
Crude Oil Prices: शिपिंग खर्च में भारी उछाल से बढ़ी मुसीबत, RBI के रेपो रेट हाइक के संकेत

ग्लोबल मार्केट में क्रूड ऑयल के स्क्रीन प्राइस और असल डिलीवरी कॉस्ट के बीच बड़ा अंतर आ गया है। रिकॉर्ड शिपिंग फीस और टैंकर के महंगे होने से भारत का इंपोर्ट बिल बढ़ गया है। अब निवेशकों की नजर RBI की मौद्रिक नीति बैठक पर है, जहां महंगाई को काबू करने के लिए **25 बेसिस पॉइंट्स** तक की ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीद है।

ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड इस समय $101 से $102 प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहा है, लेकिन रिफाइनरियों के लिए यह पूरी तस्वीर नहीं है। असल खेल शिपिंग लॉजिस्टिक्स का है, जहां VLCC (Very Large Crude Carriers) का किराया आसमान छू रहा है। कई बार इनका किराया $1 मिलियन प्रतिदिन तक पहुंच गया है, जिससे हर बैरल की लैंडेड कॉस्ट में $25 से $33 तक का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।

रूपया पर दबाव और भू-राजनीतिक संकट

रूस-यूक्रेन विवाद और मिडिल ईस्ट में तनाव ने सप्लाई चेन को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे इंश्योरेंस प्रीमियम भी बढ़ गए हैं। हालांकि भारत के पास रिफाइनिंग की मजबूत क्षमता है, लेकिन कच्चे तेल की महंगी कीमत का असर भारतीय रूपये पर साफ दिख रहा है, जो 96 प्रति USD के स्तर के पास बना हुआ है।

RBI की बैठक: क्या बढ़ेगा Repo Rate?

इन सबके बीच, RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक 5 अक्टूबर से 7 अक्टूबर 2026 तक होने वाली है। मार्केट एक्सपर्ट्स को उम्मीद है कि महंगाई पर लगाम लगाने के लिए रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स (0.25%) की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे यह 5.50% के स्तर तक जा सकता है।

निवेशकों के लिए जोखिम यह है कि बढ़ती इनपुट कॉस्ट का असर ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन पर पड़ सकता है। साथ ही, रेट हाइक से लोन महंगे होंगे, जिससे कंपनियों की ग्रोथ और आम लोगों की खपत पर दबाव बढ़ सकता है। अब देखना होगा कि RBI इस पर क्या कड़े कदम उठाता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.