ग्लोबल मार्केट में ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) के **$100** प्रति बैरल के स्तर को पार करने से भारतीय बाजार में हाहाकार मच गया है। 9 सितंबर 2026 को Nifty 50 गिरकर **23,431.50** के स्तर पर बंद हुआ, जो पिछले **13** हफ्तों का सबसे निचला स्तर है। वहीं, गवर्नेंस चिंताओं के चलते Coforge के शेयरों में **9%** की बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
ब्रेंट क्रूड ऑयल में उछाल के कारण बाजार में भारी दबाव देखा गया। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में यह तेजी आई है, जिससे महंगाई बढ़ने और कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। Nifty 50 में यह लगातार चौथा दिन है जब गिरावट देखने को मिली है।
FIIs का बिकवाली दौर
सितंबर के पहले हफ्ते से ही फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) लगातार बिकवाली कर रहे हैं। क्रूड के महंगा होने से भारत का इंपोर्ट बिल बढ़ेगा, जिसका सीधा असर देश के ट्रेड डेफिसिट और रुपये की वैल्यू पर पड़ेगा। इसी डर के कारण निवेशक सुरक्षित दांव की तलाश में पैसा निकाल रहे हैं।
Coforge में उथल-पुथल
IT सेक्टर के इंडेक्स में 3.2% की गिरावट रही। इसमें सबसे ज्यादा असर Coforge पर दिखा, जहाँ चेयरमैन ओ.पी. भट्ट के अचानक इस्तीफे ने निवेशकों को चौंका दिया। बोर्ड इवैल्यूएशन प्रोसेस में आंतरिक ऑडिट के बाद यह कदम उठाया गया है। अब विवेक शर्मा को 31 जनवरी 2027 तक के लिए अंतरिम चेयरपर्सन नियुक्त किया गया है।
राहत की खबरें
बाजार की कमजोरी के बीच भी कुछ क्षेत्रों में दम दिखा है। अगस्त 2026 में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) की रजिस्ट्रेशन संख्या 2.98 लाख यूनिट्स रही, जो सालाना आधार पर 52.9% की वृद्धि है। साथ ही, 'UP टेक्सटाइल कॉन्क्लेव 2026' में उत्तर प्रदेश को ₹5,196 करोड़ के नए निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जो लखनऊ-हरदोई के PM MITRA पार्क के लिए मील का पत्थर साबित हो सकते हैं।
