Coimbatore तेजी से एक बड़े ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) हब के रूप में उभर रहा है। EY और CII की नई रिपोर्ट के मुताबिक, शहर में GCC की संख्या **75** से बढ़कर **200** तक पहुँचने का लक्ष्य है, जो रियल एस्टेट और टेक सेक्टर के लिए बड़ा बदलाव हो सकता है।
Coimbatore का लक्ष्य अब बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे बड़े मेट्रो शहरों को टक्कर देना है। EY और Confederation of Indian Industry (CII) द्वारा तैयार किया गया यह नया रोडमैप शहर को भारत का अगला बड़ा टेक डेस्टिनेशन बनाने पर केंद्रित है।
'5R' ग्रोथ स्ट्रैटेजी
कंपनियों को आकर्षित करने के लिए एक खास '5R' फ्रेमवर्क बनाया गया है। इसमें रेजिलिएंस (Resilience), रेप्लिकेशन (Replication), रीजनलाइजेशन (Regionalization), रोल-लेड ग्रोथ (Role-led growth) और फॉर्मल पाथवे (Formal pathways) शामिल हैं। इसका मुख्य मकसद केवल बैक-ऑफिस सपोर्ट के बजाय हाई-वैल्यू इंजीनियरिंग और सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस को बढ़ावा देना है।
आर्थिक फायदे और निवेश का आधार
निवेशकों के लिए Coimbatore में Grade A ऑफिस स्पेस की सस्ती दरें और कम एट्रिशन रेट (Attrition rate) एक बड़ा प्लस पॉइंट है। यहां हर साल करीब 30,000 STEM ग्रेजुएट्स निकलते हैं, जो 3,00,000 से ज्यादा के मौजूदा टेक वर्कफोर्स को और मजबूती देते हैं। इसके अलावा, तमिलनाडु सरकार की पेरोल-लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम भी ऑपरेशनल खर्च को कम करने में मदद कर रही है।
निवेशकों के लिए अहम बातें
हालांकि लक्ष्य बड़ा है, लेकिन सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि शहर अपनी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की रफ्तार और टैलेंट पाइपलाइन को कैसे बनाए रखता है। आने वाले समय में कमर्शियल रियल एस्टेट में तेजी और बड़े ग्लोबल मैनडेट्स को हासिल करने की क्षमता इस 2032 के टारगेट की असली परीक्षा होगी।
