Cochin International Airport Limited (CIAL) ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए ₹502 करोड़ का रिकॉर्ड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है और 55% डिविडेंड का ऐलान किया है। हालांकि, दमदार नतीजों के बीच कंपनी पर इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में देरी को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मुनाफे और डिविडेंड की बौछार
Cochin International Airport Limited (CIAL) ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में अपनी मजबूत पकड़ दिखाते हुए ₹502 करोड़ का नेट प्रॉफिट हासिल किया है। कंपनी की कुल रेवेन्यू ₹1,220 करोड़ रही, जो पिछले साल के मुकाबले 6.6% ज्यादा है। सितंबर 2026 में हुई 32वीं एनुअल जनरल मीटिंग में शेयरधारकों के लिए 55% डिविडेंड को भी मंजूरी दे दी गई।
इन्फ्रास्ट्रक्चर पर क्यों उठे सवाल?
शानदार आंकड़ों के बावजूद, कंपनी अपनी डेवलपमेंट स्ट्रैटेजी को लेकर दबाव में है। एयरपोर्ट्स इकोनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी (AERA) ने 2022-26 की अवधि के लिए ₹1,416 करोड़ का इन्वेस्टमेंट प्लान मंजूर किया था, लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार अब तक केवल 40% काम ही पूरा हो पाया है। जानकारों का कहना है कि पैसेंजर फीस से जुटाए गए फंड को रनवे जैसे जरूरी कामों में लगाने के बजाय डिविडेंड में बांटने पर प्राथमिकता दी गई है।
भविष्य की चुनौतियां और ऑपरेशनल रिस्क
एयरपोर्ट मैनेजमेंट के सामने 2028 में रनवे की री-कार्पेटिंग का बड़ा काम है, जिससे फ्लाइट ऑपरेशंस में रुकावट आने की आशंका है। साथ ही, कंपनी का फोकस बिजनेस जेट टर्मिनल और लग्जरी लाउंज जैसे नॉन-एरोनॉटिकल प्रोजेक्ट्स पर ज्यादा है, जो कैपेसिटी बढ़ाने के लिए जरूरी कामों को पीछे धकेल रहे हैं।
निवेशकों के लिए चेतावनी
याद रखें, CIAL एक अनलिस्टेड कंपनी है। इसके शेयर NSE या BSE जैसे एक्सचेंज पर ट्रेड नहीं होते। यहाँ ट्रेडिंग पूरी तरह से प्राइवेट या OTC (ओवर-द-काउंटर) माध्यमों से होती है, जिससे इसमें लिक्विडिटी का काफी रिस्क बना रहता है। कंपनी अब 'CIAL ACES' के जरिए कंसल्टेंसी कारोबार में उतरकर नए रेवेन्यू सोर्सेज बनाने की कोशिश कर रही है, जिस पर आगे सबकी नजर रहेगी।
