चीन में रेगुलेटर्स ने **100** से ज्यादा लिस्टेड कंपनियों से **7.7 अरब युआन** का टैक्स वापस वसूला है। 'Golden Tax IV' नामक AI सिस्टम के जरिए की जा रही इस सख्ती से कंपनियों के प्रॉफिट पर बुरा असर पड़ा है और शेयर बाजार में जोरदार हलचल देखने को मिल रही है।
चीन की फिस्कल पॉलिसी में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। प्रशासन अब उन टैक्स फायदों को वापस ले रहा है जिन्हें पहले बिजनेस के लिए स्टैंडर्ड माना जाता था। केवल 2026 की पहली छमाही में 100 से अधिक कंपनियों को कुल 7.7 अरब युआन का टैक्स वापस जमा करने का आदेश दिया गया है। यह उन कंपनियों के लिए बड़ा झटका है जो सरकारी सब्सिडी और टैक्स रियायतों के दम पर ग्रोथ दिखा रही थीं।
कैसे काम कर रहा है 'Golden Tax IV'?
इस कार्रवाई के पीछे 'Golden Tax IV' नाम का एक एडवांस AI सिस्टम है। यह सिस्टम बैंकों, कस्टम रिकॉर्ड्स और मार्केट रेगुलेटर्स के डेटा को रीयल-टाइम में ट्रैक करता है। अब किसी भी तरह की टैक्स हेराफेरी या पुराने बेनिफिट्स में विसंगति मिलते ही सिस्टम अपने आप ऑडिट अलर्ट जारी कर देता है, जिससे कंपनियों के पास बचने का कोई रास्ता नहीं बच रहा है।
Heilongjiang Agriculture को भारी नुकसान
इस सख्ती का असर बैलेंस शीट पर दिखने लगा है। Heilongjiang Agriculture Co. को ही 2021-2025 की अवधि के लिए लेट फीस समेत 1.41 अरब युआन का टैक्स डिमांड नोटिस मिला है। इस अप्रत्याशित खर्च की वजह से कंपनी को छमाही में पहली बार नुकसान झेलना पड़ा है, जिससे निवेशकों का भरोसा डगमगा गया है।
क्यों बढ़ी है ये सख्ती?
स्थानीय सरकारों के पास लैंड सेल्स से होने वाली कमाई कम हो गई है, जिसके चलते बीजिंग का दबाव बढ़ गया है। अब प्रशासन उन टैक्स कंसेशन्स को वापस ले रहा है, जिनका इस्तेमाल पहले बिजनेस को लुभाने के लिए किया जाता था।
निवेशकों के लिए सबक
निवेशकों के लिए अब जोखिम बदल चुका है। अब सिर्फ ग्रोथ नहीं, बल्कि टैक्स कंप्लायंस भी जरूरी है। जो कंपनियां टैक्स एफिशिएंसी के जरिए मुनाफा बढ़ा रही थीं, वे अब रेट्रोस्पेक्टिव टैक्स ऑडिट के निशाने पर हैं। आने वाले दिनों में कंपनियों के क्वार्टरली रिजल्ट्स पर नजर रखना जरूरी होगा कि कहीं वे भी ऐसे किसी बड़े टैक्स आउटफ्लो का खुलासा तो नहीं करतीं।
