People's Bank of China ने लगातार 17वें महीने अपनी ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। वन-ईयर और फाइव-ईयर लेंडिंग रेट्स को क्रमशः **3.00%** और **3.50%** पर स्थिर रखा गया है, क्योंकि देश की GDP ग्रोथ **4.5%** रही है।
चीन के सेंट्रल बैंक, People's Bank of China ने लगातार 17वें महीने ब्याज दरों को यथावत रखा है। जहाँ वन-ईयर रेट 3.00% पर बरकरार है, वहीं फाइव-ईयर रेट, जो मुख्य रूप से मॉर्गेज जैसे लॉन्ग-टर्म लोन के लिए उपयोग होता है, 3.50% पर स्थिर है। यह फैसला तब आया है जब चीन की तीसरी तिमाही की GDP ग्रोथ 4.5% रही है, जो कई जानकारों के अनुमान से बेहतर है। ग्लोबल मार्केट के लिए यह साफ संकेत है कि चीन की इकोनॉमी फिलहाल बिना किसी नए मॉनेटरी स्टिमुलस (Stimulus) के बेहतर प्रदर्शन कर रही है।
नई प्राइसिंग फ्रेमवर्क की ओर कदम
ब्याज दरों को स्थिर रखने के अलावा, सेंट्रल बैंक अपनी पॉलिसी में एक बड़ा बदलाव कर रहा है। अब फोकस 'लोन प्राइम रेट' के बजाय 'ओवरनाइट रिवर्स रिपर्चेज रेट' पर शिफ्ट किया जा रहा है। यह वह दर है जिस पर सेंट्रल बैंक कमर्शियल बैंकों से शॉर्ट-टर्म के लिए पैसा उधार लेता है। इसका मकसद मनी सप्लाई को और अधिक सटीकता के साथ कंट्रोल करना है।
इस बदलाव के लिए एक टियर-आधारित रणनीति अपनाई जा रही है। बड़ी और मजबूत कंपनियां अब मार्केट-लिंक्ड रिवर्स रेपो रेट का लाभ उठा सकेंगी, जबकि छोटे व्यवसायों और व्यक्तिगत कर्जदारों के लिए पुरानी लोन प्राइम रेट व्यवस्था बनी रहेगी। यह कदम छोटे उधारकर्ताओं को अचानक आने वाले बाजार के झटकों से बचाने के लिए उठाया गया है।
भारतीय निवेशकों और बाजारों पर असर
भारतीय निवेशकों के लिए चीन की यह नीति महत्वपूर्ण है क्योंकि चीन स्टील, आयरन ओर और एल्युमीनियम जैसे इंडस्ट्रियल कमोडिटी का बड़ा कंज्यूमर है। यदि चीन की ग्रोथ 4.5% के स्तर पर स्थिर बनी रहती है, तो इन कच्चे माल की मांग में निरंतरता बनी रहेगी, जिसका सीधा फायदा भारतीय मेटल और माइनिंग कंपनियों के शेयरों को हो सकता है। फिलहाल, चीन का फोकस शॉर्ट-टर्म बूस्ट के बजाय लॉन्ग-टर्म स्ट्रक्चरल हेल्थ पर है, जो ग्लोबल कमोडिटी कीमतों में बेवजह की अस्थिरता को रोकने में मदद करेगा।
