V Harish Death Case: मशहूर फाइनेंस इन्फ्लुएंसर की मौत पर पुलिस की जांच, ऑनलाइन विवादों से जुड़ा मामला

ECONOMY
Whalesbook Logo
AuthorSaanvi Reddy|Published at:
V Harish Death Case: मशहूर फाइनेंस इन्फ्लुएंसर की मौत पर पुलिस की जांच, ऑनलाइन विवादों से जुड़ा मामला

चेन्नई पुलिस मशहूर फाइनेंस कंटेंट क्रिएटर V Harish की मौत की जांच कर रही है। मामला ऑनलाइन उत्पीड़न और रेग्युलेटरी क्रेडेंशियल्स को लेकर हुए विवाद से जुड़ा है, जिसने भारत में स्वतंत्र इन्फ्लुएंसर्स के बीच बढ़ते तनाव को उजागर किया है।

चेन्नई के 27 वर्षीय फाइनेंस कंटेंट क्रिएटर, जो 'Finance With Harish' के नाम से मशहूर थे, की मौत के बाद कानथुर पुलिस ने मामले की औपचारिक जांच शुरू कर दी है। यह घटना 20 अक्टूबर को मुट्टुकाडु में हुई थी, जिसके बाद से पुलिस उन परिस्थितियों और कम्युनिकेशंस को खंगाल रही है जो उनकी मौत से पहले हुए थे।

पिता की शिकायत और जांच का दायरा

इस जांच के केंद्र में मृतक के पिता विनायगम द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत है। इस शिकायत में Zemuria Inc. के सीईओ और कंटेंट क्रिएटर जेसन सैमुअल का नाम एक 'पर्सन ऑफ इंटरेस्ट' के रूप में सामने आया है। परिवार का आरोप है कि 18 अक्टूबर को सैमुअल द्वारा जारी किए गए एक वीडियो में Harish के रेग्युलेटरी क्रेडेंशियल्स, विशेष रूप से SEBI और AMFI के साथ उनकी रजिस्ट्रेशन स्थिति पर सवाल उठाए गए थे। शिकायत के अनुसार, इस वीडियो के बाद Harish के खिलाफ ऑनलाइन बदसलूकी और मास-रिपोर्टिंग का दौर शुरू हुआ, जिससे उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स तक बंद हो गए।

फाइनेंस इन्फ्लुएंसर्स और SEBI का कड़ा रुख

भारत में फाइनेंस इन्फ्लुएंसर्स के लिए रेग्युलेटरी माहौल बेहद सख्त होता जा रहा है। SEBI लगातार इस बात पर जोर दे रही है कि वित्तीय सलाह या निवेश की सिफारिश करने वाले लोग निर्धारित मानकों को पूरा करें ताकि रिटेल निवेशकों का पैसा सुरक्षित रहे। रेग्युलेटर्स ने स्पष्ट किया है कि जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए Registered Investment Advisor (RIA) लाइसेंस का होना अनिवार्य है। इसी के चलते अब इन्फ्लुएंसर्स एक-दूसरे की कंप्लायंस स्थिति की भी निगरानी कर रहे हैं, जिससे सार्वजनिक विवाद बढ़ते जा रहे हैं।

आरोपों पर क्या बोले जेसन सैमुअल?

जेसन सैमुअल ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे साइबर बुलिंग मानने से इनकार किया है। उनका कहना है कि उनका उद्देश्य केवल 'पब्लिक इंटरेस्ट' में यह उजागर करना था कि बिना जरूरी लाइसेंस के लोग कैसे काम कर रहे हैं। सैमुअल का तर्क है कि वे केवल SEBI के नियमों के संभावित उल्लंघन को सामने लाना चाहते थे, न कि किसी को नुकसान पहुंचाना। फिलहाल पुलिस डिजिटल साक्ष्यों की समीक्षा कर रही है और जांच का नतीजा ही तय करेगा कि डिजिटल वित्तीय जगत में जिम्मेदारी की सीमाएं क्या होनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.