त्योहारी सीजन से पहले केंद्र सरकार ने राज्यों को बड़ी राहत दी है। टैक्स डिवोल्यूशन के तहत राज्यों को अतिरिक्त ₹1.09 लाख करोड़ की राशि ट्रांसफर की गई है, जिससे बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और कल्याणकारी योजनाओं में तेजी आने की उम्मीद है।
केंद्र सरकार ने राज्यों को ₹1,09,019 करोड़ की अतिरिक्त राशि जारी की है। यह टैक्स डिवोल्यूशन (Tax Devolution) की एक सप्लीमेंट्री किस्त है, जो नियमित मासिक हिस्से के अलावा दी गई है। सरकार के मुताबिक, देश में मजबूत टैक्स कलेक्शन और आर्थिक गतिविधियों में तेजी के चलते यह बड़ा कदम उठाना मुमकिन हो पाया है।
निवेशकों के लिए क्या है मायने?
यह कदम रणनीतिक रूप से त्योहारों के ठीक पहले उठाया गया है ताकि राज्यों के पास कैश की कमी न हो। निवेशकों के नजरिए से यह बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारत में राज्य सरकारें इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च की प्रमुख चालक होती हैं।
- समय पर भुगतान: जब राज्यों के पास फंड होगा, तो वे ठेकेदारों को समय पर भुगतान कर पाएंगे। इससे कंस्ट्रक्शन, सीमेंट और स्टील सेक्टर की कंपनियों का वर्किंग कैपिटल बेहतर होगा।
- प्रोजेक्ट्स में तेजी: फंड मिलने से अटकी हुई इंफ्रा परियोजनाओं के काम में रफ्तार आएगी, जिसका सीधा फायदा लिस्टेड इंफ्रा कंपनियों के ऑर्डर बुक और रेवेन्यू को मिल सकता है।
आने वाले महीनों में बाजार की नजर इस बात पर होगी कि राज्यों द्वारा इन पैसों का इस्तेमाल कितनी कुशलता से पेंडिंग पेमेंट क्लियर करने और नई योजनाओं को शुरू करने में किया जाता है। कंपनियों के आगामी तिमाही नतीजों में इसका असर ऑर्डर इनफ्लो के रूप में दिख सकता है।
