Manipur Census 2027: केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, मणिपुर में जनगणना अनिश्चितकाल के लिए टली

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AuthorMehul Desai|Published at:
Manipur Census 2027: केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, मणिपुर में जनगणना अनिश्चितकाल के लिए टली

Ministry of Home Affairs (MHA) ने मणिपुर में 2027 की जनगणना (Census) की हाउसलिस्टिंग प्रक्रिया को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया है। यह फैसला राज्य विधानसभा के उस प्रस्ताव के बाद आया है जिसमें NRC को प्राथमिकता देने की मांग की गई थी।

केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने 5 सितंबर 2026 को जारी एक आधिकारिक अधिसूचना में मणिपुर में 2027 की जनगणना प्रक्रिया को रोकने का आदेश दिया है। यह फैसला 7 जनवरी 2026 को जारी उस निर्देश से बिल्कुल अलग है, जिसके तहत पूरे देश में जनगणना का काम शुरू होना था। फिलहाल, मणिपुर में डेमोग्राफिक ट्रैकिंग की प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है।

क्यों लिया गया यह फैसला?

राज्य विधानसभा ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया था, जिसमें केंद्र सरकार से यह मांग की गई कि जनगणना से पहले नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन्स (NRC) को अपडेट किया जाए। स्थानीय नागरिक समाज संगठनों का मानना है कि जनसंख्या के आंकड़ों से पहले नागरिकता की सटीक पहचान जरूरी है।

मणिपुर हाईकोर्ट का रुख

इस मामले में मणिपुर हाईकोर्ट ने पहले भी स्पष्ट किया था कि सार्वजनिक विरोध और संबंधित कानूनी विवादों के चलते जनगणना प्रक्रिया को फिलहाल रोक कर रखा जाना चाहिए। सरकार ने राज्य के स्थानीय हितों और वहां की सामाजिक स्थिरता को देखते हुए इसे अपवाद स्वरूप टालने का निर्णय लिया है।

निवेशकों के लिए संकेत

निवेशकों और बिजनेस जगत के लिए यह एक नीतिगत मामला है। हालांकि इसका किसी लिस्टेड कंपनी के फाइनेंशियल पर सीधा असर नहीं है, लेकिन पूर्वोत्तर में प्रशासनिक स्थिरता और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की टाइमलाइन पर नजर रखने वाले लोगों के लिए यह एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि जनगणना का काम कब से फिर शुरू होगा, जो स्थानीय प्रशासन और केंद्र के बीच NRC पर सहमति के बाद ही तय हो सकेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.