केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए UPS से NPS में शिफ्ट होने का रास्ता खुल गया है, लेकिन ध्यान रहे कि यह विकल्प केवल एक बार और हमेशा के लिए है। रिटायरमेंट से पहले आवेदन करने के लिए डेडलाइन का पालन करना अनिवार्य है।
केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए अप्रैल 2025 में लॉन्च की गई यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) के तहत अब अगर कोई कर्मचारी नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में शिफ्ट होना चाहता है, तो उसे सरकार द्वारा निर्धारित कड़े नियमों का पालन करना होगा। यह प्रक्रिया कोई साधारण बदलाव नहीं है, बल्कि यह एक 'वन-टाइम' और 'वन-वे' एग्जिट है।
फैसला है अपरिवर्तनीय (Irrevocable Decision)
एक बार जब कोई कर्मचारी अपना सब्सक्रिप्शन UPS से NPS में ट्रांसफर कर लेता है, तो यह फैसला पूरी तरह से अंतिम माना जाएगा। इसका मतलब यह है कि आप भविष्य में वापस UPS के दायरे में नहीं लौट पाएंगे। इस कदम को उठाने से पहले आपको अपने लॉन्ग-टर्म रिटायरमेंट लक्ष्यों को गहराई से समझना होगा, क्योंकि आप UPS के तहत मिलने वाले एश्योर्ड बेनेफिट्स का हक खो देंगे।
आवेदन की डेडलाइन और शर्तें
एडमिनिस्ट्रेटिव स्थिरता के लिए सरकार ने समय सीमा तय की है:
- सुपरएनुएशन: रिटायरमेंट की तारीख से कम से कम 1 साल पहले आवेदन करना होगा।
- स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (Voluntary Retirement): रिटायरमेंट से कम से कम 3 महीने पहले आवेदन देना अनिवार्य है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि जिन कर्मचारियों के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई (Disciplinary Proceedings) चल रही है, या जिन्हें बर्खास्तगी/हटाने का सामना करना पड़ रहा है, वे इस बदलाव का विकल्प नहीं चुन सकते।
फाइनेंशियल इम्पैक्ट
शिफ्टिंग के समय सरकार UPS के दौरान किए गए योगदानों का हिसाब करेगी। इसमें 4% का डिफरेंशियल कंट्रीब्यूशन भी शामिल है, जो कर्मचारी के NPS कॉर्पस में जमा किया जाएगा। हालांकि, आपका NPS अकाउंट तो मजबूत होगा, लेकिन आप UPS की उस गारंटीड पेंशन स्ट्रक्चर को खो देंगे जो भविष्य के लिए एक निश्चित आय प्रदान करती थी।
रिस्क और मार्केट का असर
UPS और NPS के स्वभाव में बड़ा अंतर है। UPS जहां फिक्स्ड और प्रेडिक्टेबल पेंशन देती है, वहीं NPS पूरी तरह से मार्केट-लिंक्ड है। इसका मतलब है कि आपकी मंथली पेंशन बाजार के उतार-चढ़ाव (Market Volatility) पर निर्भर करेगी। साथ ही, अगस्त 2026 तक Controller General of Accounts (CGA) ने रीजनल ऑफिसों को पेंडिंग माइग्रेशन रिक्वेस्ट को जल्दी निपटाने के निर्देश दिए हैं, ताकि आवेदनों की लंबी कतार को कम किया जा सके।
