Central Employees Bonus: सरकारी कर्मचारियों की दिवाली होगी शानदार! बोनस कैलकुलेशन बेस ₹21,000 करने की मांग

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Central Employees Bonus: सरकारी कर्मचारियों की दिवाली होगी शानदार! बोनस कैलकुलेशन बेस ₹21,000 करने की मांग

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खबर है। कर्मचारी यूनियनों ने सरकार से मांग की है कि बोनस कैलकुलेशन के लिए इस्तेमाल होने वाली सैलरी सीलिंग को ₹7,000 से बढ़ाकर ₹21,000 किया जाए ताकि फेस्टिव सीजन में उनका बोनस बढ़ सके।

यूनियनों की बड़ी मांग

नेशनल काउंसिल जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) समेत विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने सरकार को प्रस्ताव भेजा है कि बोनस की गणना का तरीका बदला जाए। फिलहाल, श्रम मंत्रालय के 25 अगस्त, 2026 के नोटिफिकेशन के मुताबिक, बोनस की गणना ₹7,000 प्रति माह या सरकारी न्यूनतम मजदूरी (Minimum Wage), जो भी अधिक हो, के आधार पर की जाती है। इसी नोटिफिकेशन (S.O. 4711(E)) में बोनस पात्रता के लिए ₹21,000 की मासिक वेज सीलिंग तय की गई है, जो 21 नवंबर, 2025 से लागू है।

क्यों उठ रही है यह मांग?

कर्मचारी प्रतिनिधियों का तर्क है कि ₹7,000 का मौजूदा कैलकुलेशन बेस बहुत पुराना है और आज के दौर की बढ़ती महंगाई के हिसाब से बहुत कम है। अगर बोनस की गणना ₹21,000 के आधार पर की जाती है, तो दशहरा और दिवाली के समय कर्मचारियों को मिलने वाला बोनस काफी अधिक होगा, जिससे उनकी जेब में ज्यादा पैसा आएगा।

सरकारी खजाने पर असर

सरकार के लिए यह फैसला लेना आसान नहीं होगा, क्योंकि बोनस की राशि बढ़ाने से सीधे तौर पर सरकारी खजाने पर वित्तीय बोझ बढ़ेगा। साथ ही, देश भर के सरकारी दफ्तरों में पेरोल (Payroll) सिस्टम को 'कोड ऑन वेजेस, 2019' (Code on Wages, 2019) के अनुरूप सेट करने का काम चल रहा है। अगर कैलकुलेशन बेस में आखिरी समय पर कोई बदलाव किया जाता है, तो एडमिनिस्ट्रेटिव और पेरोल सॉफ्टवेयर में भी बड़े बदलाव करने पड़ सकते हैं।

फिलहाल, मार्केट के जानकारों का मानना है कि सरकारी कर्मचारियों के हाथ में ज्यादा पैसा आने से फेस्टिव सीजन में कंज्यूमर स्पेंडिंग (Consumer Spending) में इजाफा हो सकता है। अब सबकी निगाहें इस पर हैं कि सरकार यूनियनों की इस मांग पर क्या फैसला लेती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.