कनाडा-अमेरिका व्यापार वार्ता टली: टैरिफ के खतरे के बीच 21 अगस्त तक बढ़ीं बातचीतः

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AuthorNeha Patil|Published at:
कनाडा-अमेरिका व्यापार वार्ता टली: टैरिफ के खतरे के बीच 21 अगस्त तक बढ़ीं बातचीतः

कनाडा और अमेरिका के बीच चल रही व्यापार वार्ता की समय सीमा को तीन दिन के लिए बढ़ा दिया गया है, जो अब 21 अगस्त 2026 को समाप्त होगी। इससे दोनों देशों के बीच **50%** टैरिफ लगने का खतरा फिलहाल टल गया है।

क्यों बढ़ाई गई समय सीमा?

कनाडा और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर चल रही बातचीत की डेडलाइन को तीन दिन आगे बढ़ा दिया गया है। अब यह वार्ता 21 अगस्त 2026 तक चलेगी। इस विस्तार का मतलब है कि अमेरिकी सरकार द्वारा कनाडा के लगभग $20 बिलियन के सामानों पर लगाए जाने वाले 50% टैरिफ फिलहाल लागू नहीं होंगे।

क्यूबेक की अपनी मांगें

संघीय स्तर पर दोनों देश टैरिफ से बचने के लिए बातचीत कर रहे हैं, लेकिन इस राह में कुछ बाधाएं भी हैं। क्यूबेक की प्रीमियर क्रिस्टीन फ्रेशेट ने साफ कर दिया है कि किसी भी अंतिम समझौते पर मुहर लगाने से पहले प्रांत की कुछ खास मांगों को पूरा करना होगा। खासकर, क्यूबेक अपने डेयरी और फॉरेस्ट्री (वन उत्पाद) सेक्टर के लिए सुरक्षा की मांग कर रहा है। प्रीमियर का कहना है कि केंद्र सरकार से मिली जानकारी उनके उद्योगों को अमेरिकी बाजार में संभावित नुकसान से बचाने के लिए काफी नहीं है।

वाइन की बिक्री और चुनाव का दबाव

इसके अलावा, अमेरिका ने कनाडा से प्रांतीय शराब की दुकानों में अमेरिकी शराब की बिक्री फिर से शुरू करने की भी मांग की है। हालांकि, प्रांतीय नेता इस पर सहमत होने में हिचकिचा रहे हैं। क्यूबेक के लिए यह मामला और भी पेचीदा हो गया है क्योंकि अक्टूबर 2026 में वहां प्रांतीय चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में, कोई भी ऐसा कदम जो स्थानीय उद्योगों के हितों के खिलाफ जाए, उसे राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

निवेशकों पर क्या होगा असर?

प्रधानमंत्री मार्क कार्नी इन प्रांतीय मांगों और अमेरिकी प्रशासन के साथ समझौते की जरूरत के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं। अमेरिका लंबे समय से कनाडा के डेयरी सेक्टर के सप्लाई-मैनेजमेंट सिस्टम को निशाना बना रहा है, जो घरेलू कीमतों को सहारा देने के लिए आयात को सीमित करता है।

बाजार पर नजर रखने वाले निवेशकों के लिए 21 अगस्त की नई डेडलाइन अहम है। यह देखना होगा कि क्या संघीय और प्रांतीय नेता किसी समझौते पर पहुंच पाते हैं या फिर बातचीत के असफल होने पर टैरिफ लागू हो जाते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.