कैलिफोर्निया में नवंबर में Proposition 40 पर वोटिंग होगी, जिसके तहत **1 बिलियन डॉलर** से ज्यादा नेटवर्थ वाले लोगों पर **5%** का वन-टाइम टैक्स लगाने का प्रस्ताव है। नोबेल विजेताओं का इसे समर्थन मिला है, लेकिन दिग्गज टेक हस्तियों ने पूंजी पलायन (Capital Flight) के डर से इसका कड़ा विरोध किया है।
प्रस्ताव और अर्थशास्त्रियों का तर्क
इस पहल को 6 नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्रियों का समर्थन हासिल है, जिनमें अभिजीत बनर्जी, एस्थर डुफ्लो, जोसेफ स्टिग्लिट्ज़, पॉल क्रुगमैन, पीटर डायमंड और डारोन एसेमोग्लू शामिल हैं। इनका मानना है कि यह धन की एकाग्रता को रोकने के लिए जरूरी कदम है। अर्थशास्त्रियों के डेटा के मुताबिक, कैलिफोर्निया की शीर्ष 0.001% आबादी के पास वर्तमान में लगभग $2.3 ट्रिलियन की संपत्ति है, जो एक दशक पहले के $750 बिलियन से कहीं ज्यादा है।
टेक हब और पलायन का डर
इस प्रस्ताव से राज्य से निवेश और कंपनियों के बाहर जाने (Capital Flight) का खतरा बढ़ गया है। गूगल के को-फाउंडर सर्गेई ब्रिन जैसे बड़े टेक लीडर्स ने इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। डर यह है कि इस तरह की नीतियों से आर्थिक स्थिरता को झटका लग सकता है। खबर है कि लैरी पेज, पीटर थिएल और ट्रैविस कलानिक जैसे दिग्गज पहले ही कैलिफोर्निया से अपना ठिकाना बदल चुके हैं।
भारतीय और ग्लोबल निवेशकों पर असर
हालांकि यह टैक्स कैलिफोर्निया का स्थानीय मामला है, लेकिन दुनिया भर के निवेशक इसे करीब से देख रहे हैं। कई भारतीय संस्थागत और निजी निवेशकों का पैसा अमेरिकी टेक स्टॉक्स और सिलिकॉन वैली के वेंचर कैपिटल फंड्स में लगा हुआ है। यदि यह प्रस्ताव पास होता है, तो बड़ी टेक कंपनियों के वैल्यूएशन और वैश्विक राजकोषीय नीति (Fiscal Policy) पर इसका असर पड़ सकता है। फिलहाल गवर्नर गैविन न्यूसम की असहमति और नवंबर के मतदान के नतीजों पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं।
