आज केंद्रीय मंत्रिमंडल की अहम बैठक होने वाली है, जिसमें छह रबी फसलों के लिए MSP को अंतिम रूप दिया जाएगा। साथ ही, **₹54,000 करोड़** के ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर-III प्रोजेक्ट पर भी मुहर लग सकती है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल की आज की बैठक नीतिगत मोर्चे पर काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जो कृषि और ऊर्जा सेक्टर की दिशा तय करेगी। सबसे बड़ा फोकस रबी मार्केटिंग सीजन 2027-28 के लिए गेहूं, सरसों और चना जैसी फसलों के MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर है। निवेशकों के लिए यह खबर इसलिए मायने रखती है क्योंकि MSP का सीधा असर ग्रामीण आय, FMCG सेक्टर की डिमांड और महंगाई दर पर पड़ता है।\n\n### ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर-III का जाल\nइस बैठक का सबसे बड़ा आकर्षण ₹54,000 करोड़ का ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर-III प्रोजेक्ट है। FY27 से FY33 के बीच चलने वाले इस बड़े प्रोजेक्ट का मुख्य मकसद रिन्यूएबल एनर्जी को नेशनल ग्रिड से जोड़ना है। पावर ट्रांसमिशन, सबस्टेशन निर्माण और हाई-वोल्टेज उपकरण बनाने वाली कंपनियों के लिए यह एक बड़ा ऑडर पाइपलाइन साबित हो सकता है। इंफ्रास्ट्रक्चर और EPC सेक्टर की बड़ी कंपनियों को इसका सीधा फायदा मिलना तय माना जा रहा है।\n\n### सब्सिडी और सरकारी खजाना\nबैठक में PM उज्ज्वला योजना के तहत LPG सब्सिडी के फाइनेंशियल फ्रेमवर्क पर भी चर्चा होगी। निवेशकों की नजर इस बात पर है कि सरकार का सब्सिडी बोझ कितना बढ़ता है, क्योंकि इसका असर ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) के ऑपरेशंस और सरकारी राजकोषीय घाटे पर पड़ता है।\n\nनिवेशकों को अब कैबिनेट की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है, जिससे MSP की बढ़ोतरी और ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट के टेंडर की समयसीमा स्पष्ट हो सकेगी। यही फैक्टर्स आने वाले दिनों में मार्केट के मूड को तय करेंगे।
