सरकार के सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (CEIR) के ताजा आंकड़े डराने वाले हैं। हालांकि **3.67 मिलियन** खोए हुए स्मार्टफोन ट्रैक किए गए हैं, लेकिन उनमें से केवल **36%** ही वापस मिल पाए हैं। UPI और डिजिटल बैंकिंग से जुड़े इन फोन्स का रिकवर न होना आपकी गाढ़ी कमाई के लिए बड़ा रिस्क है।
स्मार्टफोन खोना अब सिर्फ हार्डवेयर का नुकसान नहीं
डिजिटल दौर में स्मार्टफोन अब सिर्फ एक गैजेट नहीं, बल्कि आपकी फाइनेंशियल चाबी है। अधिकतर फोन्स में UPI ऐप्स, बैंकिंग ऐप्स और ईमेल का एक्सेस होता है। 5.89 मिलियन डिवाइस ब्लॉक किए जाने के बावजूद बड़ी संख्या में फोन का रिकवर न हो पाना साइबर अपराधियों के लिए एक खुला मौका है। अगर आपका फोन खोता है, तो OTP इंटरसेप्शन और अनधिकृत एक्सेस के जरिए आपके बैंक खाते में सेंध लगने का खतरा बहुत अधिक बढ़ जाता है।
राज्यों के बीच रिकवरी में बड़ा अंतर
खोए हुए फोन मिलने का आंकड़ा राज्यों के हिसाब से काफी अलग है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में रिकवरी की सफलता दर 45% से अधिक रही है, जबकि दिल्ली जैसे महानगरों में यह आंकड़ा मात्र 7.69% के निचले स्तर पर है। यह अंतर स्थानीय पुलिस की कार्यक्षमता और ट्रैकिंग प्रोटोकॉल के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े करता है।
सुरक्षा के लिए जरूरी कदम (Security Protocols)
विशेषज्ञों के मुताबिक, फोन खोते ही तुरंत ये कदम उठाएं:
- SIM ब्लॉक करें: सबसे पहले अपने टेलीकॉम ऑपरेटर को कॉल करके सिम कार्ड सस्पेंड करवाएं, ताकि OTP आधारित फ्रॉड से बचा जा सके।
- Sanchar Saathi का इस्तेमाल: CEIR पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज करें ताकि आपके फोन का IMEI नंबर ब्लॉक हो सके और वह किसी भी नेटवर्क पर न चल पाए।
- बैंक को सूचित करें: अपने मोबाइल बैंकिंग ऐप्स को फ्रीज करने के लिए बैंक को तुरंत जानकारी दें।
- सेकंड-हैंड फोन: अगर आप पुराना फोन खरीद रहे हैं, तो CEIR पोर्टल पर उसका IMEI चेक जरूर करें ताकि आप चोरी के फोन खरीदने से बच सकें।
