MSME Loan Rules: बदल सकते हैं लोन क्लासिफिकेशन के नियम, CEA नागेश्वरन ने दिया बड़ा सुझाव

ECONOMY
Whalesbook Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
MSME Loan Rules: बदल सकते हैं लोन क्लासिफिकेशन के नियम, CEA नागेश्वरन ने दिया बड़ा सुझाव

मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) वी. अनंत नागेश्वरन ने MSMEs के लिए मौजूदा **90-दिवसीय** लोन क्लासिफिकेशन नियमों में ढील देने का प्रस्ताव दिया है। इससे छोटे व्यवसायों को क्रेडिट मिलने में आसानी होगी, लेकिन बैंकों के बैलेंस शीट की पारदर्शिता पर सवाल उठ सकते हैं।

नियमों में बदलाव की मांग क्यों?

मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने सार्वजनिक रूप से उस बैंकिंग नियम को चुनौती दी है, जिसके तहत 90 दिन से अधिक की देरी वाले लोन को नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) घोषित कर दिया जाता है। नागेश्वरन का तर्क है कि यह कठोर समय-सीमा MSMEs की जमीनी हकीकत को नहीं दर्शाती। इन छोटी कंपनियों का कैश फ्लो अक्सर अनियमित होता है, ऐसे में 90 दिन की सख्त लिमिट कई बार अच्छी कंपनियों को भी कर्ज से वंचित कर देती है।

SMA फ्रेमवर्क की चुनौती

नागेश्वरन का मानना है कि स्पेशल मेंशन अकाउंट (SMA) फ्रेमवर्क, जो बैंकों के लिए एक अर्ली वार्निंग सिस्टम है, अक्सर इन व्यवसायों के खिलाफ काम करता है। जब किसी अकाउंट को 30 या 60 दिन की देरी पर SMA टैग कर दिया जाता है, तो बैंक वहां से फंडिंग बंद कर देते हैं। यह छोटी कंपनियों के लिए मुसीबत बन जाता है और वे डिफॉल्ट की ओर बढ़ जाती हैं।

बैंकिंग सेक्टर के लिए जोखिम और अवसर

निवेशकों के लिए यह एक 'कॉम्प्लेक्स ट्रेड-ऑफ' है। अगर नियमों में ढील दी जाती है, तो MSMEs को अस्थाई दिक्कतों से उबरने में मदद मिलेगी। हालांकि, इससे 'एवरग्रीनिंग' (Evergreening) जैसा जोखिम भी बढ़ सकता है, जहाँ बैंक अपने तनावग्रस्त लोन को छुपाने की कोशिश करते हैं। अब सबकी नजरें इस पर टिकी हैं कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) पारदर्शिता से समझौता किए बिना इन सुझावों को कैसे लागू करता है।

माइक्रोफाइनेंस सेक्टर को चेतावनी

इसके अलावा, नागेश्वरन ने माइक्रोफाइनेंस सेक्टर को भी आगाह किया है। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री केवल क्रेडिट बढ़ाने पर ध्यान दे रही है, जबकि बचत और इंश्योरेंस जैसी बुनियादी आदतों को नजरअंदाज किया जा रहा है। बढ़ते कर्ज (over-leveraging) के बीच यह सेक्टर आने वाले समय में चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.