CEA Nageswaran का मंत्र: अब 'आत्मनिर्भर' से आगे बढ़कर 'Strategic Indispensability' पर ध्यान दे भारत

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
CEA Nageswaran का मंत्र: अब 'आत्मनिर्भर' से आगे बढ़कर 'Strategic Indispensability' पर ध्यान दे भारत

मुख्य आर्थिक सलाहकार V. Anantha Nageswaran ने भारतीय कंपनियों को सरकारी सब्सिडी पर निर्भरता कम करने और ग्लोबल सप्लाई चेन में अपनी धाक जमाने की सलाह दी है। उन्होंने साफ कहा कि अब भारत को ऐसी विशेषज्ञता विकसित करनी होगी जिसके बिना दुनिया का काम न चले।

ग्लोबल मार्केट में भारत की भूमिका

मुंबई में आयोजित 13वें SBI बैंकिंग एंड इकोनॉमिक्स कॉन्क्लेव में CEA V. Anantha Nageswaran ने भारत के इंडस्ट्रियल ग्रोथ का नया खाका पेश किया है। उन्होंने जोर दिया कि भारत का लक्ष्य केवल 'इंपोर्ट सब्स्टीट्यूशन' तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि हमें 'Strategic Indispensability' की ओर बढ़ना होगा। इसका मतलब है कि भारत को ऐसे क्षेत्रों में एक्सपर्ट बनना होगा, जो वैश्विक सप्लाई चेन के लिए अनिवार्य हों।

PLI स्कीम से हटकर मार्केट पर फोकस

हाल के वर्षों में 14 प्रमुख सेक्टरों, जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और फार्मास्यूटिकल्स में Production Linked Incentive (PLI) स्कीम का खूब लाभ दिया गया है। लेकिन CEA ने कंपनियों को चेताया है कि यह सरकारी सपोर्ट हमेशा के लिए 'बैसाखी' नहीं बना रह सकता। भविष्य में वही कंपनियां सफल होंगी जो सरकारी मदद के बजाय अपनी ऑपरेशनल एफिशिएंसी और कॉम्पिटिटिवनेस के दम पर स्केल करेंगी।

किन सेक्टरों पर है दांव?

सरकार का फोकस अब लेबर-इंटेंसिव सेक्टरों जैसे इंजीनियरिंग, केमिकल्स और टेक्सटाइल्स पर है, ताकि देश की बढ़ती वर्कफोर्स को रोजगार मिल सके। सेमीकंडक्टर्स जैसे इमर्जिंग सेक्टर भी महत्वपूर्ण हैं, लेकिन ये बुनियादी उद्योगों के पूरक के रूप में काम करेंगे।

AI का खतरा और बदलती वर्कफोर्स

Nageswaran ने AI से रोजगार पर पड़ने वाले असर को लेकर भी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि AI के कारण एंट्री-लेवल हायरिंग पर दबाव बढ़ा है और डिमांड अब अनुभवी प्रोफेशनल्स की ओर शिफ्ट हो रही है। इस जोखिम को कम करने के लिए मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में निवेश बढ़ाना अनिवार्य है, जो ऑटोमेशन की मार से कम प्रभावित होते हैं।

आने वाले समय में, यूरोपीय संघ (EU) और यूके (UK) के साथ होने वाले फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स (FTAs) भारतीय कंपनियों के लिए ग्लोबल स्टैंडर्ड्स के साथ अलाइन होने का एक बड़ा मौका होंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.