मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) V. Anantha Nageswaran ने भारत की इकोनॉमिक ग्रोथ को लेकर आगाह किया है। उन्होंने ट्रेड टेंशन, एनर्जी की कीमतों में उतार-चढ़ाव और AI को भारत की विकास यात्रा के लिए बड़े रिस्क के रूप में चिन्हित किया है। वर्तमान में भारत **7.8%** की ग्रोथ दर से आगे बढ़ रहा है, लेकिन निवेशकों के लिए इन फैक्टर्स पर नजर रखना जरूरी है क्योंकि इनका सीधा असर मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट सेक्टर के मार्जिन्स पर पड़ता है।
मुंबई में आयोजित 13वें State Bank of India बैंकिंग एंड इकोनॉमिक्स कॉन्क्लेव में बोलते हुए, मुख्य आर्थिक सलाहकार V. Anantha Nageswaran ने साफ किया कि भारत की ग्रोथ हालांकि मजबूत है, लेकिन भविष्य में कुछ स्ट्रक्चरल चुनौतियों से सतर्क रहने की जरूरत है।
1. ट्रेड फ्रिक्शन (Trade Friction)
सबसे बड़ी चिंता अमेरिका के साथ चल रहे ट्रेड विवादों को लेकर है। IT सर्विसेज, इंजीनियरिंग और फार्मा जैसे एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड सेक्टर के लिए यह बड़ी खबर है। अगर ट्रेड पॉलिसी में तनाव बढ़ता है, तो अमेरिकी मार्केट पर निर्भर कंपनियों के रेवेन्यू में अस्थिरता आ सकती है।
2. एनर्जी और सप्लाई चेन (Energy Volatility)
ग्लोबल जियोपॉलिटिकल हालातों के कारण एनर्जी की कीमतें अस्थिर बनी हुई हैं। मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स कंपनियों के लिए यह सीधा चैलेंज है, क्योंकि लागत बढ़ने से नेट प्रॉफिट मार्जिन्स पर दबाव पड़ता है। निवेशक अब यह देख रहे हैं कि कंपनियां इस बढ़ती लागत का बोझ ग्राहकों पर कितना ट्रांसफर कर पाती हैं।
3. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और लेबर मार्केट
Nageswaran ने AI के दौर में इनोवेशन और लेबर स्टेबिलिटी के बीच संतुलन बनाने की वकालत की है। उन्होंने कहा कि AI से प्रोडक्टिविटी बढ़ेगी, लेकिन लेबर-इंटेंसिव इंडस्ट्रीज के लिए यह बदलाव रिस्की हो सकता है। सरकार का ध्यान अब टूरिज्म, हॉस्पिटैलिटी और एल्डर केयर जैसे सेक्टर्स पर है, जहाँ AI का खतरा कम है।
इकोनॉमी का हाल
मौजूदा समय में भारत की 7.8% की ग्रोथ रेट को सरकारी कैपिटल स्पेंडिंग और इकोनॉमी के फॉर्मलाइजेशन का बड़ा सपोर्ट मिला है। फिलहाल ट्रेड डेफिसिट (Trade Deficit) GDP का 3.5% से 4% के बीच बना हुआ है, जिसे कम करने के लिए सरकार 'एक्सपोर्ट कॉम्पिटिटिवनेस' पर जोर दे रही है। निवेशकों को आने वाले दिनों में कंपनियों की उन कमेंट्रीज पर ध्यान देना चाहिए जो एक्सपोर्ट डिमांड और एनर्जी कॉस्ट मैनेजमेंट से जुड़ी हैं।
