Bihar Politics: NDA में मची खींचतान, बांकीपुर जीत के बाद Jan Suraaj का बढ़ता दबदबा

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Bihar Politics: NDA में मची खींचतान, बांकीपुर जीत के बाद Jan Suraaj का बढ़ता दबदबा

बिहार की राजनीति में Jan Suraaj Party एक बड़े चैलेंजर के रूप में उभरी है। बांकीपुर उपचुनाव में मिली जीत और 23 अक्टूबर को होने वाले विधान परिषद चुनावों के बीच NDA गठबंधन में बढ़ती आपसी कलह ने सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं।

प्रशांत किशोर की बढ़ती चुनौती

प्रशांत किशोर की Jan Suraaj Party (JSP) अब सीधे तौर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व के लिए खतरा बनती दिख रही है। BJP के गढ़ माने जाने वाले बांकीपुर में मिली जीत ने बिहार के सियासी समीकरणों को हिलाकर रख दिया है, जिससे सत्ताधारी NDA के भीतर भारी दबाव महसूस किया जा रहा है।

विधान परिषद चुनाव और गठबंधन का संकट

सरकार के लिए 23 अक्टूबर को होने वाले विधान परिषद चुनाव किसी बड़ी परीक्षा से कम नहीं हैं। गठबंधन में शामिल Janata Dal (United) और Rashtriya Lok Morcha के कई सदस्यों के बागी तेवर सामने आए हैं, जो खुले तौर पर JSP समर्थित उम्मीदवारों का साथ दे रहे हैं। यह अनुशासनहीनता NDA की एकजुटता पर बड़े सवाल खड़े कर रही है।

पॉलिसी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर असर

राज्य में चल रहे इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षा संबंधी प्रोजेक्ट्स के लिए राजनीतिक स्थिरता बेहद जरूरी है। जब गठबंधन में अंदरूनी कलह होती है, तो निर्णय लेने की प्रक्रिया और प्रोजेक्ट्स के निष्पादन (execution) में देरी होना स्वाभाविक है। फिलहाल मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एक तरफ गठबंधन को संभाल रहे हैं, तो दूसरी तरफ सरकार के एजेंडे को पटरी पर रखने की कोशिश कर रहे हैं। आने वाले हफ्तों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सरकार अपना नियंत्रण वापस पा पाती है या उभरती हुई नई सियासी ताकतें राज्य की भविष्य की नीतियों को प्रभावित करेंगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.