Bihar Free Electricity: रईस लोगों से सरकार की अपील, छोड़ें मुफ्त बिजली की सब्सिडी

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AuthorAditya Rao|Published at:
Bihar Free Electricity: रईस लोगों से सरकार की अपील, छोड़ें मुफ्त बिजली की सब्सिडी

बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने इनकम टैक्स देने वाले नागरिकों से अपील की है कि वे 'मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना' के तहत मिलने वाली **125 यूनिट** फ्री बिजली सब्सिडी का लाभ लेना छोड़ दें।

बिहार सरकार राज्य के खजाने पर पड़ रहे बोझ को कम करने के लिए एक नई पहल पर विचार कर रही है। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने सक्षम नागरिकों से स्वेच्छा से फ्री बिजली सब्सिडी छोड़ने का आग्रह किया है। फिलहाल सरकार 'मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना' के जरिए राज्य के करीब 1.9 करोड़ घरेलू उपभोक्ताओं को हर महीने 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराती है।

सरकारी खजाने का गणित

राज्य सरकार पर इस सब्सिडी का सालाना बोझ लगभग ₹23,000 करोड़ है। सरकार का मानना है कि यदि टैक्सपेयर्स और सक्षम लोग इस सब्सिडी को छोड़ देते हैं, तो इससे बचने वाली राशि को राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षा जैसे जरूरी क्षेत्रों में निवेश किया जा सकेगा। यह अपील पाटलिपुत्र नेशनल यूथ पार्लियामेंट 2.0 के दौरान की गई।

क्या है असल चुनौती?

यह कदम पूरी तरह से स्वैच्छिक (Voluntary) है, यानी इसमें कोई अनिवार्य नीतिगत बदलाव नहीं किया गया है। चूंकि कोई ठोस प्रशासनिक तंत्र अभी सामने नहीं आया है कि लोग इस सुविधा से कैसे ऑप्ट-आउट (Opt-out) करेंगे, इसलिए इसका वास्तविक वित्तीय लाभ फिलहाल स्पष्ट नहीं है। आर्थिक जानकारों का मानना है कि यह सरकार की ओर से राजकोषीय अनुशासन (Fiscal Discipline) की तरफ एक संकेत है, लेकिन इसकी सफलता पूरी तरह से जनता की भागीदारी पर निर्भर करेगी।

अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या यह अपील केवल एक प्रतीकात्मक पहल बनकर रह जाती है या आने वाले बजट चक्र में राज्य के सब्सिडी खर्च में कोई ठोस कमी देखने को मिलती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.