Gold Imports: बैंकों को अब देना होगा **3% IGST**, क्या कम होगा मुनाफा?

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Gold Imports: बैंकों को अब देना होगा **3% IGST**, क्या कम होगा मुनाफा?

अप्रैल **2026** से सोने और कीमती धातुओं के आयात पर बैंकों के लिए **3% IGST** का नियम लागू कर दिया गया है। इस बदलाव से बैंकों को मिलने वाली टैक्स छूट खत्म हो गई है, जिससे अब उन्हें आयात के समय ज्यादा कैश की व्यवस्था करनी होगी।

भारत सरकार ने 1 अप्रैल, 2026 से बैंकों द्वारा किए जाने वाले सोने, चांदी और प्लैटिनम के आयात पर 3% IGST का अनिवार्य नियम लागू कर दिया है। रेवेन्यू डिपार्टमेंट द्वारा पुष्टि की गई इस नीति का मुख्य उद्देश्य मार्केट में 'टैक्स पैरिटी' (समानता) लाना है। अब तक बैंक एक विशेष टैक्स छूट का लाभ उठा रहे थे, जो कि GIFT सिटी स्थित 'इंडिया इंटरनेशनल बुलियन एक्सचेंज' (IIBX) जैसे अन्य मार्केट प्लेयर्स को नहीं मिलती थी।

सरकार का मकसद: लेवल प्लेइंग फील्ड

यह नीति सरकार द्वारा बुलियन ट्रेड को आधुनिक बनाने और पारदर्शिता लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। GST काउंसिल का मानना है कि इस टैक्स अंतर को खत्म करने से सभी प्रतिभागियों के लिए नियम एक समान हो जाएंगे, जिससे बाजार में प्रतिस्पर्धा निष्पक्ष रहेगी।

बैंकों की जेब पर क्या होगा असर?

वित्तीय नजरिए से देखा जाए तो यह टैक्स बैंकों के लिए बिजनेस की स्थायी लागत (cost) नहीं है। बैंक आयात के समय जो 3% IGST देंगे, उसे वे घरेलू ज्वैलर्स या ट्रेडर्स को माल बेचने पर 'इनपुट टैक्स क्रेडिट' (ITC) के रूप में वापस क्लेम कर सकेंगे।

हालांकि, बैंकों के लिए मुख्य चुनौती वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट की है। आयात के समय तुरंत 3% टैक्स का भुगतान करने के कारण, बैंकों की नकदी (funds) कुछ समय के लिए फंस जाएगी। जब तक सोना बिक नहीं जाता और इनपुट टैक्स क्रेडिट मिल नहीं जाता, तब तक बैंकों को इस अतिरिक्त कैश की व्यवस्था करनी होगी। निवेशकों को अब बैंकों की एनुअल रिपोर्ट और मैनेजमेंट कमेंट्री पर नजर रखनी चाहिए, ताकि यह पता चल सके कि सोने का ज्यादा आयात करने वाले बैंकों के कैश फ्लो पर इसका कितना प्रभाव पड़ रहा है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.