Bank of Korea ने अपनी बेंचमार्क इंटरेस्ट रेट को **3%** पर बरकरार रखा है। हालांकि, महंगाई को काबू में रखने के लिए सेंट्रल बैंक ने भविष्य में और बढ़ोतरी के संकेत दिए हैं। सेमीकंडक्टर एक्सपोर्ट में तेजी के बावजूद प्रॉपर्टी के बढ़ते दाम और घरेलू कर्ज चिंता का विषय बने हुए हैं।
ब्याज दरों पर 'पॉज' के मायने
Bank of Korea (BOK) ने अपनी हालिया पॉलिसी मीटिंग में बेंचमार्क सात-दिवसीय रिपर्चेज रेट को 3% पर स्थिर रखने का फैसला लिया है। इससे पहले जुलाई और अगस्त में केंद्रीय बैंक ने महंगाई को मात देने के लिए दरों में दो बार इजाफा किया था। इस बार भले ही राहत दी गई हो, लेकिन बैंक का रुख सतर्क है और महंगाई को 2% के लक्ष्य तक लाने के लिए वे भविष्य में दरें बढ़ाने से पीछे नहीं हटेंगे।
एक्सपोर्ट का दम और आर्थिक चुनौतियां
देश की इकोनॉमिक ग्रोथ को लेकर बैंक ने सकारात्मक संकेत दिए हैं। आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी हार्डवेयर की ग्लोबल मांग के चलते चिप एक्सपोर्ट में 222.5% का भारी उछाल आया है, जिसके दम पर बैंक अपने ग्रोथ फोरकास्ट को बढ़ाने की योजना बना रहा है।
हालांकि, एक तरफ ग्रोथ है तो दूसरी तरफ जोखिम। सियोल में प्रॉपर्टी की कीमतें लगातार 88 हफ्तों से बढ़ रही हैं और हाउसहोल्ड डेट (घरेलू कर्ज) का बढ़ना बैंक के लिए सिरदर्द बना हुआ है, जिससे दरों में कटौती करना मुश्किल दिख रहा है।
मार्केट का रिएक्शन
BOK के इस ऐलान के तुरंत बाद फाइनेंशियल मार्केट्स में हलचल देखी गई। Kospi इंडेक्स में 2% से ज्यादा की गिरावट आई, जबकि तीन-वर्षीय सरकारी बॉन्ड यील्ड 2 बेसिस पॉइंट बढ़कर 3.84% पर पहुंच गई। जानकारों का मानना है कि आने वाले महीनों में कम से कम 0.25% की एक और रेट हाइक देखने को मिल सकती है।
