Bank of Japan: ब्याज दरों में बड़ा इजाफा, 1995 के बाद पहली बार हुआ इतना बड़ा बदलाव

ECONOMY
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AuthorAditya Rao|Published at:
Bank of Japan: ब्याज दरों में बड़ा इजाफा, 1995 के बाद पहली बार हुआ इतना बड़ा बदलाव

Bank of Japan ने अपनी बेंचमार्क ब्याज दरों को बढ़ाकर **1.25%** कर दिया है, जो **1995** के बाद का उच्चतम स्तर है। सेंट्रल बैंक ने अब अपनी रणनीति बदलते हुए इकोनॉमी को स्टिमुलेट करने के बजाय महंगाई को **2%** के दायरे में रखने पर जोर दिया है, जिस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं।

नीति में बड़ा बदलाव

यह फैसला 7-2 के बहुमत से लिया गया है। बोर्ड के सदस्य असादा और सातो ने इस फैसले पर असहमति जताई, जो यह दिखाता है कि दरों में बढ़ोतरी की गति को लेकर बैंक के भीतर भी मंथन चल रहा है। सालों तक स्टैग्नेशन से लड़ने के लिए बैंक ने जो अल्ट्रा-लूज पॉलिसी अपनाई थी, उसे अब पूरी तरह से बदल दिया गया है।

ग्लोबल मार्केट पर असर

जापान लंबे समय से दुनिया भर के निवेशकों के लिए सस्ते लोन का जरिया रहा है। अब जब येन में उधार लेना महंगा हो रहा है, तो ग्लोबल बाजारों में कैपिटल फ्लो पर इसका सीधा असर पड़ना तय है। इससे शॉर्ट-टर्म में मार्केट में काफी वोलैटिलिटी (Volatility) देखी जा सकती है।

अगली बड़ी तारीख: 30 अक्टूबर

मार्केट एनालिस्ट्स के अनुसार, 30 अक्टूबर को होने वाली अगली पॉलिसी मीटिंग में भी दरों में फिर से बढ़ोतरी की 36% संभावना जताई जा रही है।

रिस्क और चुनौतियां

बैंक ऑफ जापान के सामने अब एक कठिन बैलेंसिंग एक्ट है। अगर दरें बहुत तेजी से बढ़ाई गईं, तो इकोनॉमी में स्लोडाउन का खतरा है। इसके अलावा, कमजोर जापानी येन के कारण इम्पोर्ट महंगे हो रहे हैं, जिससे महंगाई पर लगाम लगाना बैंक के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। अब निवेशकों की नजरें इस बात पर हैं कि क्या घरेलू इकोनॉमी बिना ग्रोथ को नुकसान पहुंचाए इन नई दरों को झेल पाएगी या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.