BSNL के कर्मचारी 20 नवंबर 2026 को देशव्यापी हड़ताल पर जा रहे हैं। मामला लंबे समय से लंबित सैलरी रिवीज़न का है, जो कंपनी के लगातार घाटे में रहने के कारण अटका हुआ है।
सरकारी टेलीकॉम कंपनी Bharat Sanchar Nigam Ltd (BSNL) के कर्मचारी 20 नवंबर 2026 को बड़े आंदोलन की तैयारी में हैं। All Unions and Association of BSNL (AUAB) के नेतृत्व में होने वाली यह हड़ताल 2017 से अटके थर्ड पे रिवीज़न कमेटी (PRC) की सिफारिशों को लागू करने की मांग को लेकर है।
विवाद की जड़: 'अफोर्डेबिलिटी क्लॉज'
सरकारी नियमों के तहत, किसी भी पब्लिक सेक्टर कंपनी के कर्मचारियों को वेतन वृद्धि का लाभ तभी मिलता है जब कंपनी प्रॉफिट में हो। BSNL के लिए यह एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में ₹4,738 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया था, और चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भी ₹1,280 करोड़ का नुकसान हुआ है।
यूनियन का तर्क है कि सरकारी प्रोजेक्ट्स और पब्लिक सर्विस ऑब्लिगेशंस के कारण कंपनी घाटे में है, जिसके लिए कर्मचारियों को सजा नहीं मिलनी चाहिए। वहीं सरकार का कहना है कि नियमों में बदलाव के लिए कैबिनेट की मंजूरी जरूरी है, जिससे मामला फिलहाल डेडलॉक में है।
ग्राहकों पर क्या होगा असर?
प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियों से मिल रही कड़ी टक्कर के बीच BSNL पहले ही दबाव में है। स्वदेशी उपकरणों के इस्तेमाल की मजबूरी और टेक्नोलॉजी अपग्रेड की दौड़ में पिछड़ने के कारण कंपनी का ऑपरेशनल स्ट्रेस बढ़ गया है। इस हड़ताल से टेलीकॉम सेवाओं में व्यवधान आने की आशंका है, जिससे आम ग्राहकों को परेशानी हो सकती है। अब सबकी नजरें Department of Telecommunications और यूनियन के बीच होने वाली अगली बातचीत पर टिकी हैं, क्योंकि इसी से तय होगा कि कंपनी भविष्य में कैसे अपने वर्कफोर्स और मार्केट कंपटीशन को मैनेज करेगी।
