ग्लोबल मार्केट से मिले खराब संकेतों और विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली के चलते बाजार में गिरावट जारी है। BSE Sensex **568** अंक फिसलकर **72,203** के स्तर पर आ गया है, जबकि Nifty50 भी **22,650** के नीचे पहुंच गया है।
मंगलवार को बाजार में लगातार दूसरे दिन बिकवाली का दौर देखने को मिला। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की तरफ से की जा रही लगातार बिकवाली से मार्केट में लिक्विडिटी का संकट खड़ा हो गया है, जिसका असर बेंचमार्क इंडेक्स पर साफ दिख रहा है।
सेक्टर का हाल और मार्केट का मूड
गिरावट का असर केवल लार्ज-कैप तक ही सीमित नहीं है, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी लगभग 0.65% टूट गए हैं। बैंकिंग और टेक्नोलॉजी सेक्टर पर सबसे ज्यादा मार पड़ी है, जहां Nifty प्राइवेट बैंक और फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स में 1% तक की गिरावट दर्ज की गई। HDFC Bank और Bajaj Finance जैसे दिग्गज शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई। हालांकि, हेल्थकेयर और फार्मा सेक्टर में कुछ स्थिरता दिखी।
ग्लोबल फैक्टर का दबाव
बाजार में इस समय डर का माहौल है, जिसे India VIX के 5% उछलकर 14.39 के स्तर पर पहुंचने से समझा जा सकता है। इसके पीछे मुख्य वजह 5.23% के आसपास बनी हुई 10-वर्षीय US ट्रेजरी यील्ड है। जब अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़ती है, तो विदेशी निवेशक भारत जैसे इमर्जिंग बाजारों से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश की ओर भागते हैं। साथ ही, कच्चे तेल की अस्थिर कीमतें और मिडिल ईस्ट में जारी तनाव ने बाजार की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
अब आगे क्या करें?
एक्सपर्ट्स की नजर अब Nifty50 के सपोर्ट लेवल 22,500 पर है। निवेशकों के लिए फिलहाल विदेशी फंडों का फ्लो, US बॉन्ड यील्ड की चाल और कच्चे तेल के दाम पर नजर रखना बेहद जरूरी है। यही फैक्टर्स आने वाले दिनों में बाजार की अगली दिशा तय करेंगे।
