BRICS का कड़ा रुख: EU के Carbon Tax को बताया व्यापार में बाधा, एक्सपोर्टर्स की बढ़ेगी टेंशन

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AuthorMehul Desai|Published at:
BRICS का कड़ा रुख: EU के Carbon Tax को बताया व्यापार में बाधा, एक्सपोर्टर्स की बढ़ेगी टेंशन

नई दिल्ली शिखर सम्मेलन में BRICS ने European Union के Carbon Border Adjustment Mechanism (CBAM) का खुलकर विरोध किया है। भारत की स्टील, एल्युमिनियम और सीमेंट कंपनियों के लिए यह एक बड़ा संकेत है, क्योंकि इससे लागत बढ़ सकती है और प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव आ सकता है।

नई दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में एक ऐतिहासिक घोषणा की गई है, जिसमें European Union के CBAM (Carbon Border Adjustment Mechanism) को पूरी तरह से नकार दिया गया है। सदस्य देशों ने इसे एकतरफा और भेदभावपूर्ण व्यापार नीति करार दिया है, जिससे उभरती अर्थव्यवस्थाओं और पश्चिमी देशों के बीच ट्रेड वॉर जैसे हालात बनते दिख रहे हैं।

कंपनियों के लिए क्यों है यह चिंता की बात?

EU का यह कार्बन टैक्स उन उत्पादों पर लगाया जाता है जो प्रोडक्शन के दौरान अधिक कार्बन उत्सर्जन करते हैं। इसका सीधा असर स्टील, एल्युमिनियम, सीमेंट, फर्टिलाइजर और इलेक्ट्रिसिटी जैसे सेक्टर पर पड़ रहा है। भारतीय एक्सपोर्टर्स के लिए यूरोप एक बड़ा मार्केट है, और वहां लगने वाला यह नया टैक्स उनके उत्पादों को महंगा बना रहा है।

निवेशकों के लिए रिस्क और चुनौतियां

  • प्रॉफिट मार्जिन पर मार: अगर कंपनियां इस टैक्स के बोझ को ग्राहकों पर नहीं डाल पाईं, तो उनके मुनाफे में 10% से 20% तक की गिरावट आ सकती है।
  • ग्रीन टेक्नोलॉजी की होड़: जो कंपनियां अभी तक पुरानी तकनीक का इस्तेमाल कर रही हैं, उन्हें अब जल्दी से ग्रीन एनर्जी में शिफ्ट होना होगा, वरना यूरोपीय बाजार में उनकी प्रतिस्पर्धा खत्म हो सकती है।
  • वॉल्यूम में गिरावट: उत्पादों के महंगे होने से डिमांड कम हो सकती है, जिससे एक्सपोर्ट वॉल्यूम पर नकारात्मक असर पड़ेगा।

आगे का रास्ता

BRICS समूह अब इस मुद्दे को World Trade Organization (WTO) जैसे ग्लोबल मंचों पर ले जाने की तैयारी में है। निवेशकों के लिए सलाह है कि वे उन कंपनियों पर नजर रखें जो कार्बन फुटप्रिंट कम करने के लिए तेजी से कदम उठा रही हैं। आने वाले समय में सप्लाई चेन में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं, क्योंकि कई कंपनियां अब यूरोप के बजाय अन्य देशों की ओर अपना व्यापार डायवर्ट करने पर मजबूर हो सकती हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.