Forex Reserves: $800 बिलियन के विदेशी मुद्रा भंडार पर BNP Paribas ने उठाए सवाल

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AuthorAditya Rao|Published at:
Forex Reserves: $800 बिलियन के विदेशी मुद्रा भंडार पर BNP Paribas ने उठाए सवाल

भारत का फॉरेक्स रिजर्व पहली बार **$800 बिलियन** के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा है, लेकिन BNP Paribas की एक रिपोर्ट ने चिंता बढ़ा दी है। ब्रोकरेज के मुताबिक, इसमें से **$127 बिलियन** की राशि अस्थायी है, जिससे करेंसी में अस्थिरता का खतरा बना हुआ है।

क्या वाकई मजबूत है फॉरेक्स रिजर्व?

आमतौर पर $800 बिलियन का फॉरेक्स रिजर्व देश की मजबूत आर्थिक स्थिति का प्रतीक माना जाता है। लेकिन BNP Paribas का कहना है कि यह सुरक्षा घेरा जितना दिख रहा है, उतना मजबूत शायद न हो। बैंक की रिपोर्ट में बताया गया है कि इस कुल राशि में से $127 बिलियन हिस्सा फॉरेन करेंसी नॉन-रेसिडेंट (FCNR) डिपॉजिट्स से आता है। ये पैसा एनआरआई (NRI) का है जो विदेशी मुद्रा में जमा है, जिसे अगले 3 से 5 साल में वापस निकाला जा सकता है, जिससे मार्केट में लिक्विडिटी का संकट पैदा हो सकता है।

बाजार पर बढ़ता दबाव

यह चेतावनी ऐसे समय पर आई है जब भारतीय अर्थव्यवस्था कई चुनौतियों का सामना कर रही है। रुपया पिछले कुछ हफ्तों में 1% से ज्यादा टूटा है और 10-वर्षीय सरकारी बॉन्ड यील्ड भी 7% के ऊपर चली गई है। अमेरिका और भारत के बॉन्ड यील्ड के बीच का अंतर कम होने से विदेशी निवेशक (FIIs) भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं, जिससे बिकवाली का दबाव बढ़ गया है।

सुस्त पड़ती अर्थव्यवस्था

रियल इकोनॉमी के मोर्चे पर भी संकेत अच्छे नहीं हैं। मैन्युफैक्चरिंग PMI अगस्त में 52.8 पर आ गया है, जो अगस्त 2021 के बाद का सबसे निचला स्तर है। स्टील प्रोडक्शन की ग्रोथ महज 0.3% रह गई है और शहरी मजदूरी में भी सुस्ती दिख रही है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी दबाव में है क्योंकि जलाशय का स्तर पिछले साल के 83% के मुकाबले घटकर 68% रह गया है। इसके चलते फूड इन्फ्लेशन 5.7% पर पहुंच गई है, जिससे हेडलाइन CPI बढ़कर 4.8% हो गई है। निवेशकों को अब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के अगले डेटा और FIIs के रुख पर पैनी नजर रखने की जरूरत है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.