ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीस ने भारत की तेजी से बढ़ती इलेक्ट्रिफिकेशन और क्लीन फ्यूल प्रोग्राम्स की जमकर तारीफ की है। निवेशकों के लिए यह एक बड़े सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर पुश का संकेत है, जिससे यूटिलिटी और एनर्जी इक्विपमेंट कंपनियों में लंबी अवधि की डिमांड बढ़ सकती है।
ऐतिहासिक रफ्तार और निवेश के अवसर
न्यू यॉर्क में एक इवेंट के दौरान ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीस ने भारत के एनर्जी ट्रांसफॉर्मेशन को आधुनिक इतिहास की एक बड़ी उपलब्धि बताया। निवेशकों के नजरिए से, सरकार द्वारा एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर किया जा रहा भारी खर्च, पावर और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की कंपनियों के लिए गेम चेंजर साबित हो रहा है।
सरकारी योजनाओं की सफलता
डेटा पर नजर डालें तो सरकारी योजनाओं का असर साफ दिखता है:
- PM उज्ज्वला योजना: मई 2026 तक 1.057 करोड़ से ज्यादा परिवारों को LPG कनेक्शन दिए गए।
- सौभाग्य योजना: साल 2022 तक लगभग 2.86 करोड़ घरों का इलेक्ट्रिफिकेशन पूरा किया गया।
- PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना: अगस्त 2026 तक 50 लाख से ज्यादा परिवार इसके लाभार्थी बन चुके हैं।
- PM-KUSUM: इस योजना के जरिए 21.7 लाख से ज्यादा किसानों को सोलर एनर्जी से जोड़ा गया है।
ये आंकड़े सोलर, बैटरी और इलेक्ट्रिकल कंपोनेंट बनाने वाली कंपनियों के लिए लगातार नए कॉन्ट्रैक्ट्स का रास्ता खोल रहे हैं।
एनर्जी सिक्योरिटी में बड़ा बदलाव
भारत ने अपनी एनर्जी सिक्योरिटी को मजबूत करने के लिए इंपोर्ट के सोर्स को 27 देशों से बढ़ाकर 41 देशों तक पहुंचा दिया है। वेस्ट एशिया में भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical volatility) के बीच, ऑस्ट्रेलिया के साथ LNG सप्लाई की पार्टनरशिप भारत की एनर्जी जरूरतों को सुरक्षित कर रही है।
आगे चलकर भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच द्विपक्षीय व्यापारिक संबंध एनर्जी सेक्टर में और गहराई लाएंगे। निवेशकों को अब उन कंपनियों पर नजर रखनी चाहिए जो रिन्यूएबल एनर्जी सप्लाई चेन से जुड़ी हैं, क्योंकि सरकारी स्पेंडिंग और प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी इस ग्रोथ के मुख्य इंजन बने रहेंगे।
