अगस्त 2026 में देश का ग्रॉस GST कलेक्शन **14.8%** की सालाना बढ़त के साथ **₹1.99 लाख करोड़** पर पहुंच गया है। हालांकि, टैक्स रिफंड में **67.9%** का भारी उछाल आने से सरकारी खजाने की नेट कमाई पर असर पड़ा है।
अगस्त 2026 के लिए ग्रॉस गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) कलेक्शन ₹1,99,853 करोड़ रहा, जो पिछले साल के इसी महीने के मुकाबले 14.8% ज्यादा है। अगर जुलाई 2026 के ₹2.11 लाख करोड़ के आंकड़े से तुलना करें, तो इस बार टैक्स इनफ्लो में थोड़ी सुस्ती दिखाई दी है।
इम्पोर्ट टैक्स का बड़ा रोल
इस बार सरकारी खजाने में आई मजबूती के पीछे घरेलू खपत के बजाय विदेशी व्यापार का बड़ा हाथ रहा। इम्पोर्ट से जुड़ा टैक्स 29% बढ़कर ₹62,604 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, दूसरी ओर घरेलू टैक्स कलेक्शन में सिर्फ 9.3% की बढ़त देखी गई, जो ₹1,37,249 करोड़ रहा।
रिफंड्स का सरकारी तिजोरी पर असर
ग्रॉस कलेक्शन के आंकड़े भले ही मजबूत लग रहे हों, लेकिन नेट रेवेन्यू की स्थिति अलग है। सरकार ने इस महीने ₹31,795 करोड़ के रिफंड जारी किए, जो पिछले साल के मुकाबले 67.9% ज्यादा हैं। इसके चलते नेट GST रेवेन्यू घटकर ₹1,68,057 करोड़ रह गया और नेट रेवेन्यू ग्रोथ महज 8.3% तक सीमित रही।
राज्यों की मिली-जुली तस्वीर
देशभर के राज्यों में आर्थिक गतिविधियों का असर अलग-अलग दिखा। उत्तर प्रदेश में घरेलू कलेक्शन 19% बढ़ा, जबकि महाराष्ट्र जैसे बड़े इंडस्ट्रियल हब में यह ग्रोथ 8% रही और कलेक्शन ₹28,779 करोड़ रहा। वहीं तमिलनाडु, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में कलेक्शन में गिरावट देखी गई, जबकि असम ने 162% की तूफानी बढ़त के साथ सबको चौंका दिया।
