मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma के दूसरे कार्यकाल के 150 दिन पूरे हो गए हैं। राज्य में Tata Electronics का **₹27,000 करोड़** का सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट तो आगे बढ़ रहा है, लेकिन **15.4 लाख** बेरोजगारों की चुनौती और 2026 की बाढ़ का असर राज्य की फिस्कल हेल्थ पर दबाव डाल रहा है।
औद्योगिक विस्तार और निवेश का फोकस
राज्य सरकार का पूरा जोर इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट पर है, ताकि असम की पहचान सिर्फ चाय, तेल और टूरिज्म तक सीमित न रहे। इस रणनीति का मुख्य केंद्र Jagiroad में बन रहा Tata Electronics का सेमीकंडक्टर प्लांट है। इसमें कुल ₹27,000 करोड़ का निवेश हो रहा है, जिसे राज्य और केंद्र सरकार की ओर से ₹14,044 करोड़ की प्रोत्साहन राशि (Incentives) मिली है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि यह प्रोजेक्ट स्थानीय अर्थव्यवस्था में रोजगार के कितने अवसर पैदा कर पाता है।
आर्थिक चुनौतियां और फिस्कल दबाव
औद्योगिक विकास के बीच राज्य को गंभीर सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। मिड-2026 तक सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 15.43 लाख रजिस्टर्ड जॉब सीकर्स हैं। बेरोजगारी के इस ऊंचे आंकड़े ने युवाओं के बीच चिंता बढ़ा दी है।
इसके अलावा, 2026 की बाढ़ ने राज्य की फिस्कल प्लानिंग को मुश्किल में डाल दिया है। बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान के कारण राहत और बचाव कार्यों पर भारी खर्च करना पड़ा है। जानकारों का मानना है कि जलवायु जोखिम और बुनियादी ढांचे के विकास के बीच संतुलन बनाना सरकार के लिए बड़ी परीक्षा है। राज्य की वित्तीय स्थिरता को लेकर निवेशक अब यह देख रहे हैं कि सरकार कैसे कर्ज के बोझ और विकास योजनाओं के बीच तालमेल बिठाती है।
