4 सितंबर, 2026 को एशियाई बाजारों में तेजी देखी गई। निवेशकों के बीच फेडरल रिजर्व द्वारा सितंबर में ब्याज दरें बढ़ाने की आशंकाएं कम हो गई हैं, जिसका असर ग्लोबल सेंटीमेंट पर पड़ा है।
बाजार में जोश की वजह
शुक्रवार, 4 सितंबर, 2026 को एशियाई बाजारों ने मजबूती दिखाई, जिसकी अगुवाई दक्षिण कोरिया के बेंचमार्क इंडेक्स ने की। MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स में 0.3% का उछाल दर्ज किया गया। यह तेजी मुख्य रूप से वॉल स्ट्रीट के पॉजिटिव संकेतों से प्रेरित रही।
फेड गवर्नर का बयान और महंगाई का डेटा
बाजार का मूड बदलने के पीछे फेडरल रिजर्व के गवर्नर क्रिस्टोफर वॉलर के कमेंट्स हैं। उन्होंने संकेत दिए कि अगर महंगाई केंद्रीय बैंक के 2% के लक्ष्य की ओर बढ़ती है, तो वे ब्याज दरों को स्थिर रखने का समर्थन करेंगे। इसके बाद, सितंबर में रेट हाइक की संभावना जो पहले 70% थी, अब घटकर 50% के करीब आ गई है। यह बदलाव अमेरिका के PCE प्राइस इंडेक्स के आंकड़ों के बाद आया है, जो मई के 4.1% से गिरकर जुलाई में 3.7% पर आ गया है।
करेंसी और कमोडिटी मार्केट का रिएक्शन
करेंसी मार्केट में जापानी येन ने पिछले एक महीने का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और यह 155 प्रति डॉलर के करीब पहुंच गया। वहीं, अमेरिकी डॉलर बास्केट के मुकाबले मई के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर आ गया है। कमोडिटी मार्केट में, ग्लोबल सप्लाई चेन की चिंताओं के बीच अमेरिकी क्रूड ऑयल की कीमतें $91.85 प्रति बैरल पर स्थिर बनी हुई हैं।
आगे की राह
हालांकि बाजार में उत्साह है, लेकिन फेडरल रिजर्व अब भी पूरी तरह डेटा पर निर्भर है। अगर आने वाले दिनों में महंगाई के आंकड़े उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे, तो रेट हाइक की तलवार फिर लटक सकती है। अब सभी की निगाहें अमेरिकी 'नॉनफार्म पेरोल्स' रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो ब्याज दरों की भविष्य की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।
