Asian Markets: अमेरिका-ईरान तनाव से सहमा बाजार! क्रूड ऑयल **$96** के करीब, शेयरों में भारी बिकवाली

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Asian Markets: अमेरिका-ईरान तनाव से सहमा बाजार! क्रूड ऑयल **$96** के करीब, शेयरों में भारी बिकवाली

एशियाई शेयर बाजारों में आज बड़ी गिरावट देखी जा रही है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण क्रूड ऑयल की कीमतें **$96** प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं, जिससे निवेशकों में घबराहट है।

एशियाई शेयर बाजारों में बुधवार, 2 सितंबर 2026 को चौतरफा बिकवाली का माहौल रहा। तनाव की मुख्य वजह अमेरिका और ईरान के बीच गहराता सैन्य संकट है, जिसने ग्लोबल सप्लाई चेन और इकोनॉमिक स्टेबिलिटी को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। प्रमुख इंडेक्स की बात करें, तो जापानी निक्केई (Nikkei 225) करीब 2.5% और दक्षिण कोरियाई कॉस्पी (KOSPI) शुरुआती कारोबार में 3% तक लुढ़क गया।

क्यों बढ़ रही है चिंता?

बाजार में इस गिरावट का सबसे बड़ा ट्रिगर क्रूड ऑयल है। ब्रेंट क्रूड (Brent crude) उछलकर $96 के स्तर के पास पहुंच गया है। डर यह है कि यदि यह संघर्ष बढ़ता है, तो होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से तेल की सप्लाई बाधित हो सकती है। ऊर्जा की बढ़ती कीमतें ग्लोबल इकोनॉमी पर अतिरिक्त बोझ (Tax) की तरह हैं, जिससे महंगाई के लंबे समय तक बने रहने का खतरा पैदा हो गया है।

बॉन्ड यील्ड में उछाल और टेक स्टॉक्स पर मार

इस महंगाई के डर का सीधा असर डेट मार्केट पर दिख रहा है। अमेरिका की 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 4.8% के स्तर पर पहुंच गई है, जो 2023 के अंत के बाद का उच्चतम स्तर है। यील्ड बढ़ने से कंपनियों के लिए उधार लेना महंगा हो गया है। इसके अलावा, सरकारी बॉन्ड्स अब शेयरों की तुलना में अधिक आकर्षक विकल्प बन गए हैं।

इसका सबसे ज्यादा असर हाई-ग्रोथ टेक्नोलॉजी स्टॉक्स पर पड़ा है, जो ब्याज दरों के प्रति बेहद संवेदनशील होते हैं। दक्षिण कोरिया में बड़ी कंपनियों के शेयरों से विदेशी निवेशकों ने पैसा निकाला है। अब निवेशकों की नजर सेंट्रल बैंक के बयानों और क्रूड ऑयल की कीमतों पर टिकी है, क्योंकि यही फैक्टर्स आगे की दिशा तय करेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.