3 नवंबर, 2026 को एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली देखी गई। अमेरिकी टेक और सेमीकंडक्टर शेयरों में आई तेज गिरावट के आगे कच्चे तेल की घटती कीमतों का सहारा भी काम नहीं आया और KOSPI इंडेक्स पर भारी दबाव बन गया।
एशियाई बाजारों में हफ्ते की शुरुआत काफी दबाव के साथ हुई है। ग्लोबल लेवल पर टेक शेयरों में आई बिकवाली का असर MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स पर साफ दिख रहा है, जो अमेरिकी नैस्डैक 100 में आए 10% के करेक्शन का ही रिफ्लेक्शन है।
चिप मेकर कंपनियों पर सबसे ज्यादा मार
इस गिरावट की मुख्य वजह सेमीकंडक्टर कंपनियां रही हैं। दक्षिण कोरिया का KOSPI इंडेक्स 2.7% से 3.8% तक लुढ़क गया। इसकी बड़ी वजह Samsung Electronics और SK Hynix जैसे दिग्गज चिपमेकर्स रहे, जो अमेरिकी मार्केट में सेमीकंडक्टर इंडेक्स में आई 12% की तीन दिवसीय गिरावट को फॉलो कर रहे हैं। गौरतलब है कि जापान के बाजार आज 'कल्चर डे' की छुट्टी के कारण बंद रहे, जिससे कारोबार सीमित रहा।
क्यों काम नहीं आया कच्चे तेल का फायदा?
आमतौर पर ऊर्जा की कीमतों में कमी बाजार के लिए अच्छा संकेत होती है, लेकिन इस बार सेंटीमेंट इतने खराब हैं कि कच्चे तेल की कीमतें $105 प्रति बैरल रहने के बावजूद निवेशकों का मूड नहीं सुधरा। निवेशक अब सस्ते तेल से ज्यादा कंपनी की कमाई (Earnings Visibility) और सेक्टर-स्पेसिफिक रिस्क पर ध्यान दे रहे हैं।
AI इन्वेस्टमेंट और अनिश्चितता का डर
निवेशकों को अब इस बात की चिंता सता रही है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर पर किया जा रहा भारी खर्च क्या वाकई रिटर्न देगा? साथ ही, CXMT जैसी प्रतिस्पर्धी कंपनियों के बढ़ते दबाव से प्रॉफिट मार्जिन घटने का डर भी हावी है। इसके अलावा, अमेरिकी मिडटर्म इलेक्शन की अनिश्चितता और शुक्रवार को आने वाले लेबर मार्केट डेटा पर बाजार की नजरें टिकी हैं, जो आगे की चाल तय करेंगे।
