एशियाई बाजारों में लगातार छठे दिन तेजी देखने को मिली है, जिसकी मुख्य वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चिप्स की जबरदस्त मांग है। राहत की बात यह है कि Brent Crude गिरकर **$99.18** प्रति बैरल पर आ गया है, जिससे भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों को बड़ी राहत मिली है। हालांकि, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़त से निवेशकों में अब भी चिंता बरकरार है।
एशियाई शेयर बाजारों में तेजी का सिलसिला जारी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हार्डवेयर की बढ़ती मांग के चलते Samsung और SK Hynix जैसे दिग्गज शेयरों में 2% से अधिक का उछाल आया है। इस ट्रेंड का फायदा ताइवान के सेमीकंडक्टर-हैवी पोर्टफोलियो को भी मिल रहा है, जो अपने ऑल-टाइम हाई के करीब पहुंच गए हैं।
दूसरी ओर, एनर्जी मार्केट में राहत की खबर है। Brent Crude ऑयल गिरकर $99.18 प्रति बैरल पर आ गया है। सऊदी अरब द्वारा ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को फिर से शुरू करने और Yanbu से निर्यात बहाल करने के बाद सप्लाई की चिंताएं कम हुई हैं। भारत के लिए यह गिरावट काफी अहम है, क्योंकि इससे इंपोर्ट बिल कम होने और महंगाई को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, फिक्स्ड-इनकम मार्केट के संकेत उतने उत्साहजनक नहीं हैं। 2-वर्षीय US Treasury Yield 4.7879% पर पहुंच गई है, जो मिड-2024 के बाद का उच्चतम स्तर है। यह बढ़त दिखाती है कि मार्केट अब US Federal Reserve द्वारा ब्याज दरों में सख्ती की तैयारी कर रहा है। फ्यूचर्स डेटा के अनुसार, अक्टूबर में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना 54% है।
निवेशकों के सामने चुनौती यह है कि अगर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड आकर्षक बनी रहती है, तो विदेशी संस्थागत निवेशक इमर्जिंग मार्केट्स से पैसा निकाल सकते हैं, जिससे करेंसी में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। साथ ही, संयुक्त राष्ट्र महासभा (UN General Assembly) में अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली बातचीत पर भी नजरें टिकी हैं, क्योंकि भू-राजनीतिक अस्थिरता क्रूड की कीमतों को किसी भी समय ऊपर खींच सकती है।
