एशियाई बाजारों ने गुरुवार की भारी बिकवाली के बाद राहत की सांस ली है, जबकि Indonesia के बाजार में **11%** का क्रैश देखने को मिला। इसकी मुख्य वजह MSCI द्वारा Indonesia को 'इमर्जिंग' से 'फ्रंटियर' मार्केट का दर्जा देना है, जिससे विदेशी फंड्स को अपना निवेश वापस निकालना पड़ रहा है।
बाजार की स्थिति और रिकवरी
गुरुवार को आई भारी गिरावट के बाद आज एशियाई बाजारों में स्थिरता लौटती दिख रही है। जापान का Nikkei 1.8% ऊपर चढ़ा है, वहीं दक्षिण कोरिया के KOSPI इंडेक्स में 2.8% की बढ़त देखी गई। हांगकांग और ताइवान के बाजारों में भी तेजी रही, जिससे पिछले दिनों से चली आ रही बिकवाली पर फिलहाल विराम लगता दिख रहा है।
क्यों मचा था कोहराम?
बाजार में आई पिछली गिरावट की मुख्य वजह AI इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में बढ़ा हुआ कर्ज (Debt) था। CoreWeave जैसी कंपनियां, जिन्होंने क्लाउड और AI डेटा सेंटर्स के लिए भारी पूंजी जुटाई है, अब निवेशकों के निशाने पर हैं। बाजार यह सवाल उठा रहा है कि क्या ये कंपनियां अपने विशाल कर्ज के बोझ के साथ विकास की रफ्तार बनाए रख पाएंगी। अगर ये मॉडल फेल होते हैं, तो टेक सेक्टर में एक बड़ा डोमिनो इफेक्ट देखने को मिल सकता है।
Indonesia में आया बड़ा संकट
Indonesia का बाजार MSCI के फैसले के बाद बुरी तरह ढह गया। जब MSCI किसी देश को 'इमर्जिंग' से घटाकर 'फ्रंटियर' मार्केट कैटेगरी में डालता है, तो बड़े ग्लोबल फंड्स और ETFs को अपने पोर्टफोलियो से उस देश के शेयर बेचने पड़ते हैं। इस अनिवार्य बिकवाली ने स्थानीय कीमतों को धरातल पर ला खड़ा किया है। साथ ही, इंडोनेशिया की करेंसी रुपिया (Rupiah) भी डॉलर के मुकाबले 0.8% कमजोर हुई है।
ग्लोबल मार्केट की अन्य हलचल
दूसरी तरफ, डॉलर इंडेक्स में गिरावट देखी जा रही है, जो निवेशकों के लिए थोड़ी राहत की बात है। गोल्ड की कीमतों में 0.4% की सुस्ती आई है और यह $4,154.51 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है। वहीं, ब्रेंट क्रूड ऑयल $105 प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है।
निवेशकों के लिए सबक: AI सेक्टर में कर्ज का बढ़ता स्तर और इंडेक्स रीबैलेंसिंग के जोखिम पर नजर रखना अब पहले से कहीं ज्यादा जरूरी है।
