एशियाई बाजारों ने बुधवार को बढ़त के साथ शुरुआत की है। पांच दिनों की गिरावट के बाद चिपमेकर शेयरों में खरीदारी देखी जा रही है, हालांकि कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और US इन्फ्लेशन डेटा को लेकर निवेशक सतर्क बने हुए हैं।
एशियाई बाजारों ने बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को एक सकारात्मक शुरुआत की है। बीते एक हफ्ते से जारी बिकवाली के दौर के बाद बाजार में थोड़ी राहत दिखी है। मुख्य रूप से टेक्नोलॉजी और चिप मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के शेयरों ने मोर्चा संभाला है, क्योंकि निवेशकों ने उन शेयरों को खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है जो पिछले 5 दिनों में काफी नीचे आ गए थे। इस बदलाव से KOSPI और Nikkei जैसे प्रमुख इंडेक्स को थोड़ी मजबूती मिली है।
चिपमेकर्स में लौटी तेजी
इस रिकवरी के पीछे Samsung Electronics और SK Hynix मुख्य ड्राइवर रहे, जिनमें 2% से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। सेमीकंडक्टर सेक्टर के लिए पिछला कुछ समय काफी कठिन रहा था, जहाँ AI पर होने वाले खर्च की स्थिरता को लेकर चिंताएं थीं। इसके अलावा, मेमोरी चिप बनाने वाली कंपनियों को चीन की ChangXin Memory Technologies (CXMT) से भी कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है, जिसने दिग्गज कंपनियों को चुनौती दी है।
क्रूड ऑयल और US इन्फ्लेशन का दबाव
भले ही टेक शेयरों में राहत दिखी है, लेकिन एनर्जी सेक्टर की चिंताएं बरकरार हैं। सऊदी अरामको (Saudi Aramco) के इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले की खबरों के बाद कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गई हैं, जहां WTI $95 प्रति बैरल और ब्रेंट $107 के करीब पहुंच गया है। मिडिल ईस्ट में सप्लाई को लेकर पैदा हुई अनिश्चितता ने निवेशकों को परेशान कर रखा है।
अब बाजार की नजरें US के कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) डेटा पर टिकी हैं। जानकारों का अनुमान है कि सितंबर में इन्फ्लेशन दर सालाना 3.6% तक पहुंच सकती है। यह डेटा बेहद अहम है, क्योंकि इसी के आधार पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) आगे ब्याज दरों को लेकर अपनी रणनीति तय करेगा। यदि महंगाई उम्मीद से ज्यादा रहती है, तो फेड के लिए ब्याज दरों में लचीलापन बनाए रखना मुश्किल हो सकता है।
