Asian Markets: कच्चे तेल में आग, $101 के पार पहुंचा Brent Crude; भारतीय बाजार पर बढ़ेगा दबाव

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AuthorMehul Desai|Published at:
Asian Markets: कच्चे तेल में आग, $101 के पार पहुंचा Brent Crude; भारतीय बाजार पर बढ़ेगा दबाव

एशियाई बाजारों में आज गिरावट का माहौल है। Brent Crude के **$101** प्रति बैरल के स्तर को पार करने और बढ़ती अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड के कारण ग्लोबल मार्केट में टेंशन बढ़ गई है, जिसका सीधा असर भारतीय निवेशकों की जेब और कॉर्पोरेट प्रॉफिट पर पड़ सकता है।

बाजार में क्यों है घबराहट?

मिडल ईस्ट में जारी तनाव की वजह से कच्चे तेल के दाम तेजी से बढ़े हैं और यह $101.94 प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है। इस उछाल का सीधा असर MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स पर दिखा, जो 0.4% की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा है। जापान, साउथ कोरिया और ऑस्ट्रेलिया के बेंचमार्क इंडेक्स भी दबाव में हैं।

महंगाई और फेडरल रिजर्व का डर

बाजार पर दोहरी मार पड़ रही है। पहली, बढ़ती एनर्जी कॉस्ट और दूसरी, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड का 4.85% तक पहुंचना। निवेशक अब अमेरिका के इंफ्लेशन डेटा पर नजर गड़ाए हुए हैं। जानकारों का मानना है कि 16 सितंबर की फेडरल रिजर्व की बैठक में 25 बेसिस पॉइंट्स की रेट हाइक की संभावना 62% तक बढ़ गई है।

भारतीय निवेशकों के लिए चिंता

भारत अपनी जरूरत का अधिकांश तेल आयात करता है, इसलिए Brent Crude में आई यह तेजी देश के इंपोर्ट बिल को बढ़ाएगी। इसका सीधा दबाव भारतीय रुपये पर पड़ेगा। अगर रुपया कमजोर होता है और ईंधन महंगा रहता है, तो देश में महंगाई बढ़ेगी और RBI की मॉनेटरी पॉलिसी के लिए राह कठिन हो जाएगी।

किन सेक्टरों में है रिस्क?

ऊंची एनर्जी कॉस्ट का बुरा असर उन कंपनियों पर पड़ेगा जो लॉजिस्टिक्स, एविएशन, ट्रांसपोर्टेशन और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में हैं। इनका ऑपरेटिंग मार्जिन कम होने का खतरा बढ़ गया है। अगर ये कंपनियां बढ़े हुए खर्च को ग्राहकों पर नहीं डाल पाती हैं, तो उनके नेट प्रॉफिट में बड़ी गिरावट आ सकती है। यही कारण है कि पिछले कुछ दिनों से BSE Sensex और NSE Nifty में विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दबाव दिख रहा है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.