Asian Development Bank (ADB) ने चालू फाइनेंशियल ईयर के लिए भारतीय अर्थव्यवस्था की ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर **7%** कर दिया है। इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के दमदार प्रदर्शन से यह रफ्तार मिली है।
ग्रोथ की रफ्तार के पीछे की असली वजह
Asian Development Bank (ADB) का यह अनुमान पहले के 6.6% के लक्ष्य से काफी बेहतर है। इस तेजी के पीछे सबसे बड़ी ताकत सरकार का इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश है। पहली तिमाही में सरकारी कैपिटल स्पेंडिंग में 29.9% की भारी बढ़ोतरी देखी गई है। इसका सीधा फायदा कंस्ट्रक्शन, सीमेंट और स्टील जैसे सेक्टरों को मिल रहा है। इसके साथ ही मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में एआई (AI) और लॉजिस्टिक्स टेक्नोलॉजी का बढ़ता इस्तेमाल भी अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहा है।
महंगाई और RBI पर असर
ADB ने चालू फाइनेंशियल ईयर के लिए महंगाई का अनुमान भी 5.2% से घटाकर 5% कर दिया है। यह निवेशकों के लिए एक राहत भरी खबर है क्योंकि इससे रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) को मॉनेटरी पॉलिसी में थोड़ी ढील देने की गुंजाइश मिलती है। हालांकि, बाजार की नजरें अभी भी RBI की रेपो रेट मीटिंग पर टिकी हैं, क्योंकि ब्याज दरों में कोई भी अचानक बदलाव कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन पर असर डाल सकता है।
मजबूत वित्तीय स्थिति
भारत का फिस्कल डेफिसिट अब लगभग 4.3% के दायरे में रहने का अनुमान है, जो टैक्स कलेक्शन में आई तेजी के कारण संभव हुआ है। इसके अलावा, देश का विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) अब $740.8 बिलियन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। यह बफर विदेशी दबावों और कमोडिटी की कीमतों में होने वाली अस्थिरता से बचने के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच का काम करेगा।
आगे के जोखिम (Risk Factors)
हालांकि तस्वीर काफी सकारात्मक है, लेकिन ADB ने कुछ जोखिमों की ओर भी इशारा किया है। इसमें जलवायु परिवर्तन से जुड़ी समस्याएं और ग्लोबल एनर्जी कीमतों में उतार-चढ़ाव शामिल हैं। अगर सप्लाई चेन में कोई रुकावट आती है, तो इम्पोर्ट करने वाली कंपनियों की लागत बढ़ सकती है। निवेशकों के लिए अगले कुछ महीनों में सरकारी खर्च की निरंतरता और कृषि क्षेत्र का प्रदर्शन सबसे महत्वपूर्ण पैरामीटर होंगे।
