Apollo Study: AI पर भारी खर्च, फिर भी कंपनियों के मुनाफे में नहीं दिख रहा असर

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AuthorNeha Patil|Published at:
Apollo Study: AI पर भारी खर्च, फिर भी कंपनियों के मुनाफे में नहीं दिख रहा असर

Apollo Global Management की एक ताजा स्टडी से पता चला है कि टेक्नोलॉजी सेक्टर से बाहर की कंपनियों को AI निवेश से अभी तक कोई बड़ा फायदा नहीं मिला है। यह खबर भारतीय निवेशकों के लिए अहम है क्योंकि इसका सीधा असर ग्लोबल IT बजट और भारतीय IT कंपनियों की डिमांड पर पड़ सकता है।

Apollo Global Management के चीफ इकोनॉमिस्ट Torsten Slok ने S&P 500 मार्केट डेटा का बारीकी से विश्लेषण किया है। रिपोर्ट बताती है कि जहां Alphabet, Amazon, Apple, Meta, Microsoft, Nvidia और Tesla जैसी 7 बड़ी टेक कंपनियों को AI का सीधा फायदा मिल रहा है, वहीं इंडेक्स की बाकी 493 कंपनियों के मार्जिन और प्रति कर्मचारी रेवेन्यू में कोई खास उछाल दर्ज नहीं किया गया है।

हकीकत बनाम हाइप (Hype)

कई कंपनियां बड़े पैमाने पर सॉफ्टवेयर और AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर पैसा खर्च कर रही हैं ताकि लागत कम हो सके और प्रोडक्टिविटी बढ़े। लेकिन डेटा साफ इशारा कर रहा है कि यह खर्च फिलहाल कंपनियों के बॉटम-लाइन (Net Profit) को मजबूती नहीं दे रहा है। यानी फिलहाल AI एक डिजिटल टूल की तरह है, न कि मुनाफे का इंजन।

भारतीय IT सेक्टर पर रिस्क?

यह ट्रेंड भारत के IT सेक्टर के लिए एक बड़ा 'वॉच-आउट' है। भारतीय IT कंपनियां ग्लोबल फर्मों की पार्टनर हैं। अगर विदेशी कंपनियों को AI निवेश का ROI (Return on Investment) नहीं मिलता है, तो वे अपना टेक बजट घटा सकती हैं या प्रोजेक्ट्स में कटौती कर सकती हैं। निवेशकों को अब कंपनियों की मैनेजमेंट कमेंट्री पर नजर रखनी चाहिए कि क्लाइंट्स का फोकस नए AI प्रोजेक्ट्स पर है या वे पुराने मेंटेनेंस पर लौट रहे हैं।

लिमिट ऑफ ऑटोमेशन

स्टडी में यह भी कहा गया है कि AI डेटा प्रोसेस तो कर सकता है, लेकिन यह इंसानी फैसले (Human Judgment) और संगठनात्मक भरोसे की जगह नहीं ले सकता। यही वे मानवीय कारक हैं जो लंबी अवधि में रेवेन्यू ग्रोथ को ड्राइव करते हैं। फिलहाल, AI का 'प्रोडक्टिविटी चमत्कार' अभी एक उम्मीद ही है, हकीकत नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.