K. Annamalai ने तमिलनाडु सरकार की सरकारी भर्ती प्रक्रिया में बदलाव की तीखी आलोचना की है। आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने वालों की संख्या में **56%** की बड़ी गिरावट आई है, जो सिस्टम में घटते भरोसे को दर्शाता है।
भर्ती प्रक्रिया में बदलाव पर विवाद
तमिलनाडु सरकार द्वारा सरकारी नौकरियों के लिए भर्ती प्रक्रिया को पारंपरिक 'Tamil Nadu Public Service Commission' (TNPSC) से हटाकर 'Overseas Manpower Corporation Limited' (OMCL) के जरिए करने के फैसले ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। K. Annamalai ने इसे मेरिट-आधारित चयन और आरक्षण नीतियों के लिए खतरा बताया है।
आवेदकों का घटता भरोसा
आंकड़े चिंताजनक स्थिति बयां कर रहे हैं। TNPSC ग्रुप-4 परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले युवाओं की संख्या साल 2022 में 22.06 लाख थी, जो साल 2026 तक घटकर केवल 9.80 लाख रह गई है। यह 56% की गिरावट सीधे तौर पर सरकारी सिस्टम में युवाओं के घटते विश्वास को दिखाती है। इस अविश्वास की एक बड़ी वजह साल 2025 में सामने आया 'कैश-फॉर-जॉब्स' घोटाला भी है, जिसे 'Enforcement Directorate' (ED) ने उजागर किया था।
आर्थिक और प्रशासनिक दबाव
यह पूरा विवाद तमिलनाडु सरकार के सामने मौजूद कठिन आर्थिक चुनौतियों के बीच खड़ा हुआ है। राज्य पर वर्तमान में ₹10 लाख करोड़ का सीधा कर्ज है, जबकि कुल देनदारियां ₹13.18 लाख करोड़ तक पहुंच चुकी हैं। ऐसी स्थिति में, भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी न केवल प्रशासनिक दक्षता को प्रभावित कर रही है, बल्कि राज्य की आर्थिक स्थिरता पर भी सवालिया निशान खड़े कर रही है। अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि सरकार भर्ती के लिए कोई स्पष्ट और पारदर्शी रोडमैप पेश करती है या नहीं।
