Andhra Pradesh सरकार के लिए राहत की खबर है। फाइनेंशियल ईयर 2026-27 की पहली छमाही में राज्य का कमर्शियल टैक्स कलेक्शन **18%** बढ़कर **₹30,436 करोड़** पहुंच गया है। AI-बेस्ड टैक्स एनफोर्समेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट ने इस ग्रोथ में अहम भूमिका निभाई है।
टैक्स कलेक्शन में जोरदार इजाफा
आंकड़ों पर गौर करें तो अप्रैल से सितंबर की अवधि के दौरान राज्य का प्रदर्शन बेहद मजबूत रहा है। कुल कलेक्शन ₹30,435.98 करोड़ दर्ज किया गया है, जिसमें अकेले GST का हिस्सा ₹19,635.49 करोड़ रहा है। वहीं, अकेले सितंबर के महीने में राज्य ने ₹4,986.18 करोड़ का टैक्स रेवेन्यू हासिल किया है।
AI का कमाल और इंफ्रास्ट्रक्चर की भूमिका
रेवेन्यू बढ़ने के पीछे सबसे बड़ी वजह राज्य सरकार का डिजिटल टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन की ओर बढ़ना है। बिजली, माइनिंग और लेबर जैसे विभागों के डेटा को आपस में जोड़कर AI-आधारित एनालिसिस किया गया, जिससे टैक्स चोरी पर लगाम लगी है। इसका सबसे ज्यादा फायदा इलेक्ट्रिकल मशीनरी, लोहा-स्टील और प्लास्टिक सेक्टर को मिला है। इसके अलावा, अमरावती और अन्य इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में चल रहे कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स ने भी टैक्स इनफ्लो को बूस्ट दिया है।
कर्ज का दबाव अभी भी बरकरार
एक तरफ जहां टैक्स कलेक्शन में तेजी है, वहीं राज्य की फिस्कल हेल्थ (Fiscal Health) पर चर्चा भी तेज है। बढ़ती आय के बावजूद, राज्य पर कर्ज का बोझ एक बड़ी चिंता है। अनुमान है कि फाइनेंशियल ईयर के अंत तक पब्लिक डेट (Public Debt) करीब ₹7.11 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है, जो कि GSDP का 36% रहने की संभावना है। निवेशकों के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती यही होगी कि सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च और कर्ज को कैसे मैनेज करती है।
