Andhra Pradesh सरकार ने Union सरकार के साथ मिलकर PMAY-G 2.0 योजना का विस्तार किया है। इसके तहत **3 लाख** घरों का निर्माण शुरू किया जाएगा और **2029** तक राज्य में शत-प्रतिशत रूरल हाउसिंग का लक्ष्य रखा गया है।
3D टेक्नोलॉजी का बड़ा दांव
आंध्र प्रदेश सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में एक नया प्रयोग शुरू किया है। तेनाली के बुर्रिपालेम और ओबुलानायुदुपलेम क्षेत्रों में 177 घरों के लिए 3D कंक्रीट प्रिंटिंग तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इस आधुनिक तकनीक से न केवल निर्माण की रफ्तार बढ़ेगी, बल्कि ये घर ऊर्जा के मामले में भी अधिक दक्ष (energy efficient) साबित होंगे। सरकार का कुल लक्ष्य 9 लाख घर बनाने का है, जो कि एक बड़े पैमाने पर रोजगार और आर्थिक गतिविधि को जन्म दे सकता है।
इंफ्रा और रॉ मटेरियल सेक्टर के लिए संकेत
निवेशकों की नजर इस परियोजना पर इसलिए भी है क्योंकि इतने बड़े पैमाने पर निर्माण होने से सीमेंट और स्टील जैसे रॉ मटेरियल की मांग में जबरदस्त उछाल आ सकता है। हालांकि, निर्माण कंपनियों और सप्लायर्स का मुनाफा पूरी तरह से टेंडर हासिल करने और सप्लाई चेन को बेहतर ढंग से मैनेज करने पर निर्भर करेगा।
फंड और चुनौतियों का गणित
इस योजना को सफल बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर फंड का इंतजाम किया है। इसमें PM-KISAN और राज्य की Annadata Sukhibhava जैसी योजनाओं का पैसा भी शामिल किया गया है। लेकिन चुनौती अब भी बरकरार है—3D प्रिंटिंग को बड़े स्तर पर लागू करना और सरकारी बजट की लगातार उपलब्धता। यदि फंड या लॉजिस्टिक्स में देरी होती है, तो यह 2029 तक का लक्ष्य प्रभावित हो सकता है। बाजार के जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में टेंडर आवंटन की गति और निर्माण की असल प्रगति पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए।
