आंध्र प्रदेश में 10.7% आर्थिक ग्रोथ, पर बारिश का खतरा मंडरा रहा!

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
आंध्र प्रदेश में 10.7% आर्थिक ग्रोथ, पर बारिश का खतरा मंडरा रहा!

आंध्र प्रदेश ने 2025-26 की दूसरी तिमाही में **10.7%** की ज़बरदस्त आर्थिक ग्रोथ दर्ज की है। एग्रीकल्चर और इंडस्ट्री सेक्टर ने कमाल का प्रदर्शन किया है। हालांकि, राज्य **51.8%** की बड़ी बारिश की कमी से जूझ रहा है, जिस पर सबकी नज़रें हैं।

आंध्र प्रदेश की इकोनॉमी में तेज़ी

आंध्र प्रदेश ने 2025-26 के फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही में 10.7% की शानदार आर्थिक ग्रोथ रेट हासिल की है। लेटेस्ट मंथली इकोनॉमिक रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य का GSDP ग्रोथ 9.9% पर पहुंच गया है, जो 2023-24 के 6.5% के मुकाबले काफी अच्छी बढ़ोतरी है। ये आकडे राज्य में पॉज़िटिव मोमेंटम दिखा रहे हैं, लेकिन इकोनॉमिक आउटलुक काफी हद तक भारी क्लाइमेट चैलेंजेस से निपटने पर निर्भर करेगा।

सेक्टर-वाइज परफॉरमेंस

ग्रोथ में एग्रीकल्चर सेक्टर सबसे आगे रहा, जिसने 13.5% की ग्रोथ दर्ज की। इसके बाद इंडस्ट्रियल सेक्टर 10.6% और सर्विसेज सेक्टर 9.9% पर रहे। खास बात यह है कि GST कलेक्शन में भी 21% की बढ़ोतरी हुई है, जिससे यह ₹13,282 करोड़ तक पहुंच गया है। यह राज्य में इकोनॉमिक एक्टिविटी और टैक्स कंप्लायंस का एक अहम इंडिकेटर है।

बारिश की कमी का संकट

शानदार ग्रोथ के बावजूद, राज्य एक गंभीर मौसम की चुनौती का सामना कर रहा है। जून और जुलाई 2026 में 51.8% की भारी बारिश की कमी दर्ज की गई है, जिसका मुख्य कारण अल नीनो (El Niño) को बताया जा रहा है। इस कमी के चलते जल संकट गहरा गया है, खासकर श्रीशैलम और नागार्जुन सागर जैसे बड़े रिजर्वायर्स में, जो इरिगेशन और पावर जेनरेशन के लिए बेहद ज़रूरी हैं। इंडस्ट्रियल ग्रोथ को सपोर्ट करने के लिए माइनिंग और बिजली पर निर्भरता बनी हुई है, जबकि मैन्युफैक्चरिंग एक्टिविटी मिली-जुली है।

सीएम का बड़ा लक्ष्य और रणनीति

चीफ मिनिस्टर N. Chandrababu Naidu ने 15% ग्रोथ का बड़ा लक्ष्य रखा है। इसे हासिल करने के लिए, एडमिनिस्ट्रेशन सरकारी डिपार्टमेंट्स में टेक्नोलॉजी को इंटीग्रेट करने पर फोकस कर रहा है, ताकि रिसोर्स मैनेजमेंट और ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाई जा सके। वे गोदावरी बाढ़ के पानी को कृष्णा डेल्टा की ओर मोड़ने जैसी एडॉप्टिव स्ट्रेटेजीज़ का इस्तेमाल कर रहे हैं, ताकि पानी की कमी के तत्काल प्रभाव को कम किया जा सके।

महत्वपूर्ण जानकारी

यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि यह जानकारी आंध्र प्रदेश राज्य के इकोनॉमिक परफॉरमेंस से जुड़ी है, किसी पब्लिकली ट्रेडेड कंपनी से नहीं। इस सरकारी इकाई से जुड़े कोई शेयर प्राइस, स्टॉक या एक्सचेंज फाइलिंग नहीं हैं। यह डेटा क्षेत्र के इंफ्रास्ट्रक्चर, एग्रीकल्चर और कंज्यूमर मार्केट्स में एक्सपोजर रखने वाले बिज़नेस और इन्वेस्टर्स के लिए एक मैक्रोइकोनॉमिक इंडिकेटर का काम करता है।

आने वाले महीनों में, बारिश के पैटर्न, प्रमुख रिजर्वायर्स के वॉटर लेवल और एग्रीकल्चर आउटपुट व फ़ूड इन्फ्लेशन पर उनके असर पर नज़र रखना सबसे अहम होगा। इन रिसोर्स कंस्ट्रेंट्स को मैनेज करते हुए हाई ग्रोथ बनाए रखने की सरकार की क्षमता ही राज्य के इकोनॉमिक रेजिलिएंस का मुख्य पैमाना होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.