Andhra Pradesh Logistics: MSMEs को मिलेगी रफ्तार, पोर्ट और एयरपोर्ट के जाल से बढ़ेगा एक्सपोर्ट

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Andhra Pradesh Logistics: MSMEs को मिलेगी रफ्तार, पोर्ट और एयरपोर्ट के जाल से बढ़ेगा एक्सपोर्ट

Andhra Pradesh सरकार ने छोटे मैन्युफैक्चरर्स के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर का बड़ा प्लान तैयार किया है। पोर्ट और एयरपोर्ट्स के विस्तार से लॉजिस्टिक लागत कम होगी और Rayalaseema क्षेत्र को एक बड़े ऑटोमोटिव हब के रूप में विकसित किया जाएगा।

लॉजिस्टिक लागत पर लगाम की तैयारी

Andhra Pradesh सरकार ने MSMEs की मदद के लिए कमर कस ली है। राज्य का लक्ष्य है कि हर 150 किलोमीटर पर एक सी-पोर्ट और हर 200 किलोमीटर पर एक एयरपोर्ट तैयार किया जाए। इससे न केवल कच्चे माल के आयात में लगने वाला समय घटेगा, बल्कि तैयार माल के निर्यात में भी भारी बचत होगी। सरकार Machilipatnam, Ramayapatnam और Mulapeta में नए पोर्ट्स पर जोर दे रही है ताकि स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग हब सीधे ग्लोबल ट्रेड रूट से जुड़ सकें।

Rayalaseema बनेगा 'गोल्डन ट्रायंगल'

राज्य सरकार ने Rayalaseema क्षेत्र को बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई के बीच एक इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के रूप में पेश किया है। यहाँ मुख्य फोकस ऑटोमोटिव सेक्टर पर है। साथ ही, 'एक्सपोर्ट एक्सीलेंस सेंटर्स' बनाए जा रहे हैं ताकि एक्सपोर्ट प्रोसेस को डिजिटल बनाया जा सके।

निवेशकों के लिए रिस्क और मॉनिटरिंग

निवेशकों के लिए इस पूरी कहानी का असली टेस्ट 'एग्जीक्यूशन' है। इतने बड़े स्तर के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में देरी की आशंका बनी रहती है, जिसका सीधा असर इंडस्ट्रियल क्लस्टर की परफॉर्मेंस पर पड़ सकता है। इसके अलावा, सरकारी खजाने पर बढ़ता दबाव भी एक बड़ा मॉनिटरेबल फैक्टर है। आने वाले समय में पोर्ट्स के शुरू होने की टाइमलाइन और ऑटोमोटिव क्लस्टर्स की प्रोग्रेस ही तय करेगी कि यह दांव कितना सफल रहता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.