Andhra Pradesh State Investment Promotion Board ने राज्य में **28** नए औद्योगिक प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दे दी है। इस योजना के तहत **₹22,177 करोड़** का भारी-भरकम निवेश किया जाएगा, जिसमें Dixon Technologies, Muthoot Fincorp और Deloitte जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं।
बड़े निवेश से बदलेगी तस्वीर
आंध्र प्रदेश सरकार ने अपनी हालिया बैठक में 28 नए प्रोजेक्ट्स पर मुहर लगाई है। इस पहल का मुख्य मकसद राज्य में इलेक्ट्रॉनिक्स, एनर्जी, आईटी और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देना है। सरकार का पूरा ध्यान सेमीकंडक्टर और हार्डवेयर प्रोडक्शन के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार करने पर है।
इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी सेक्टर पर असर
इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को होगा। Dixon Technologies को कडप्पा में अपने ऑपरेशंस के लिए इंसेंटिव टाइमलाइन में एक्सटेंशन मिल गया है, जो कंपनी की लॉन्ग-टर्म प्लानिंग के लिए अहम है। वहीं, आईटी सेक्टर की बात करें तो विशाखापट्टनम को नया ग्रोथ नोड बनाने की तैयारी है। Muthoot Fincorp को ₹100 करोड़ के AI और टेक्नोलॉजी ट्रेनिंग हब के लिए मंजूरी मिली है, जिससे 2,400 नई नौकरियां पैदा होंगी। इसके अलावा, Deloitte भी ₹43 करोड़ के निवेश से अपना नया ऑपरेशंस सेंटर शुरू करेगी, जिसमें 2,500 लोगों के बैठने की क्षमता होगी।
निवेशकों के लिए 'वॉचलिस्ट' पॉइंट्स
हालांकि ये घोषणाएं कॉर्पोरेट जगत के लिए उत्साहजनक हैं, लेकिन असल फायदा इन प्रोजेक्ट्स की समय पर एग्जीक्यूशन पर टिका है। सरकार कोप्पार्थी, तिरुपति और लेपाक्षी जैसे हब में इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित कर रही है। निवेशकों को यह देखना होगा कि सरकार बिजली, पानी और जमीन जैसी सुविधाएं कितनी जल्दी मुहैया कराती है। प्रोजेक्ट्स में देरी का सीधा असर कंपनियों के मुनाफे और भविष्य के कैपिटल एक्सपेंडिचर प्लान पर पड़ सकता है। भविष्य की अर्निंग्स कॉल में मैनेजमेंट की कमेंट्री इन प्रोजेक्ट्स की प्रोग्रेस पर नजर रखने के लिए सबसे महत्वपूर्ण होगी।
