आंध्र प्रदेश में भीषण चक्रवाती तूफान 'Arnab' ने तबाही मचा दी है। राज्य सरकार के मुताबिक बुनियादी ढांचे और कृषि को **₹4,600 करोड़** का बड़ा झटका लगा है। सरकार युद्ध स्तर पर राहत और बिजली ग्रिड की मरम्मत में जुटी है।
तबाही का दायरा और आकलन
चक्रवाती तूफान 'Arnab' ने आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों को बुरी तरह प्रभावित किया है। राज्य सरकार ने शुरुआती आकलन में ₹4,600 करोड़ के नुकसान का अनुमान लगाया है। सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में कृष्णा, पश्चिम गोदावरी और डॉ. बीआर अंबेडकर कोनासीमा जिले शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि जमीनी स्तर पर सर्वे पूरा होने के बाद यह आंकड़ा और बढ़ सकता है।
पावर इंफ्रास्ट्रक्चर की बदहाली
कोनासीमा में स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक है, जहाँ लगभग 8,000 बिजली के खंभे उखड़ गए हैं, जिससे बड़े पैमाने पर ब्लैकआउट हो गया है। सरकार ने युद्ध स्तर पर काम शुरू कर दिया है और मरम्मत की गति तेज करने के लिए तेलंगाना से तकनीकी टीम बुलाई है। इसके अलावा, कर्नाटक और तमिलनाडु से भी सहयोग लेने पर बातचीत जारी है।
कृषि क्षेत्र को भारी मार
स्थानीय अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार कृषि है, जिसे इस आपदा ने तगड़ा झटका दिया है। भारी बारिश और हवाओं से धान के खेत डूब गए हैं और नारियल व पाम ऑयल के बागान नष्ट हो गए हैं। सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए प्रति उखड़ा हुआ पेड़ ₹1,500 की सहायता देने का वादा किया है।
राजकोषीय बोझ और आगे की राह
यह आपदा राज्य के बजट पर एक अनपेक्षित बोझ बनकर आई है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री से मुलाकात की है और केंद्र से एक टीम जल्द ही नुकसान का जायजा लेने पहुंचेगी। राहत फंड की मंजूरी राज्य सरकार के लिए बेहद जरूरी है ताकि मरम्मत कार्य में कोई रुकावट न आए। साथ ही, प्रभावित मंडलों में टेलीकॉम नेटवर्क को बहाल करना भी सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में है। निवेशकों को बिजली बहाली और केंद्रीय मदद की समय-सीमा पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि यही राज्य की आर्थिक रिकवरी की दिशा तय करेगा।
