Ambani Projects Energy Security, Trillion-Dollar GDP Leap for India: भारत का 'गोल्डन एरा', GDP $30 ट्रिलियन पार!

ECONOMY
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AuthorMehul Desai|Published at:
Ambani Projects Energy Security, Trillion-Dollar GDP Leap for India: भारत का 'गोल्डन एरा', GDP $30 ट्रिलियन पार!
Overview

रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने भारत के ऊर्जा भविष्य को लेकर एक बड़ा अनुमान लगाया है। उनके मुताबिक, भारत अगले **20-30 सालों** में ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर हो जाएगा और देश की GDP बढ़कर **$25-30 ट्रिलियन** तक पहुंच जाएगी। ब्लैकॉक के CEO लैरी फिंक ने भी इस पर भरोसा जताते हुए कहा है कि आने वाले दो दशक भारत के लिए निवेश का एक प्रमुख 'निवेश युग' (Investment Era) साबित हो सकते हैं। दोनों ने देश के इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी में 'धैर्यवान पूंजी' (patient capital) की जरूरत पर जोर दिया।

ऊर्जा स्वतंत्रता का रास्ता, यह बताते हुए अंबानी ने कहा कि अगले दो से तीन दशकों में घरेलू संसाधनों और उन्नत तकनीकों में भारी निवेश की आवश्यकता होगी। साथ ही, उन्होंने अनुमान लगाया है कि भारत का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) मौजूदा लगभग $4.5 ट्रिलियन से बढ़कर आने वाले समय में $25-30 ट्रिलियन के आंकड़े को छू सकता है, जो अभूतपूर्व आर्थिक विस्तार का संकेत देता है।

ब्लैकॉक के चेयरमैन और CEO लैरी फिंक ने इन अनुमानों को काफी महत्व दिया। उन्होंने कहा कि आने वाले ढाई दशक वैश्विक निवेशकों के लिए 'भारत का युग' (India's Era) साबित हो सकते हैं। फिंक ने इस बात पर जोर दिया कि पूंजी बाजार (Capital Markets) इस विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और देश के विकास के साथ-साथ लंबी अवधि के निवेश को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

आर्थिक राह (Economic Trajectory)

अंबानी का मानना है कि भारत वैश्विक विकास दर से आगे निकलेगा, जो अगले 20-30 सालों में मौजूदा $4-4.5 ट्रिलियन के GDP को बढ़ाकर $25-30 ट्रिलियन तक पहुंचा सकता है। यह एक बड़ा leap है जो निवेशकों के लिए एक '10-20-30 साल का अवसर' (10-20-30 year opportunity) प्रस्तुत करता है। फिंक ने भी इस लंबी अवधि के नजरिए का समर्थन किया और कहा कि जो लोग समय के साथ देश के विकास में निवेश करेंगे, उन्हें नकदी रखने वालों की तुलना में कहीं अधिक फायदा होगा। उन्होंने भारत की उभरती आर्थिक गाथा के संदर्भ में खुद को कैसे विकसित करें, कैसे जिएं और कैसे शिक्षित करें, इस पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया।

'धैर्यवान पूंजी' की जरूरत (Patient Capital Needs)

दोनों नेताओं ने भारत के विकास को गति देने के लिए 'धैर्यवान पूंजी' (Patient Capital) यानी लंबे समय तक टिके रहने वाले निवेश की भारी आवश्यकता की पहचान की। अंबानी ने विशेष रूप से फिजिकल और टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश का जिक्र किया, जिसका लक्ष्य हर गांव को 'स्मार्ट' बनाना है। अकेले ये अवसर अरबों डॉलर के हैं और टिकाऊ, चक्रवृद्धि रिटर्न (compoundable returns) प्रदान करते हैं। फिंक ने रेखांकित किया कि भारत के भविष्य में विश्वास रखने के लिए पूंजी बाजार के माध्यम से इसके विकास में अधिक भागीदारी की आवश्यकता है, जिससे निवेशकों के हित राष्ट्रीय प्रगति के साथ संरेखित हों।

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