अमेरिकी सीनेटरों ने FTC से Amazon और Walmart के शॉपिंग असिस्टेंट्स (Alexa और Sparky) की जांच करने की अपील की है। आरोप है कि ये बॉट्स अमेरिकी उत्पादों को दबा रहे हैं और गलत लेबलिंग की अनदेखी कर रहे हैं।
अमेरिकी सीनेटर टैमी बाल्डविन और रिक स्कॉट ने फेडरल ट्रेड कमीशन (FTC) से Amazon के 'Alexa for Shopping' और Walmart के 'Sparky' की विस्तृत जांच करने की मांग की है। इन सीनेटरों का दावा है कि ये AI शॉपिंग टूल्स जानबूझकर सर्च रिजल्ट्स में हेरफेर कर रहे हैं ताकि विदेशी विक्रेताओं को घरेलू उत्पादों पर प्राथमिकता दी जा सके।
शिकायत का मुख्य आधार
सीनेटरों की इस शिकायत के पीछे दो प्रमुख कारण हैं। पहला, यह आरोप कि ये सिस्टम अमेरिकी निर्मित (Made in USA) सामान को सर्च में पीछे धकेल रहे हैं। दूसरा, यह कि ये प्लेटफॉर्म्स भ्रामक लेबलिंग को रोकने में नाकाम रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, हालांकि तकनीक के जरिए फर्जी दावों को पकड़ना मुमकिन है, लेकिन कंपनियां इन सुरक्षा उपायों को लागू करने में रुचि नहीं दिखा रही हैं।
रिटेल एल्गोरिदम पर असर और निवेशकों के लिए संकेत
यह मामला केवल अमेरिका तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया भर के निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण सबक है। अब तक एंटी-ट्रस्ट जांचें अक्सर कीमतों और मार्केट शेयर पर केंद्रित होती थीं, लेकिन अब रेगुलेटर्स का ध्यान 'ब्लैक बॉक्स' एल्गोरिदम की तरफ बढ़ गया है।
अगर FTC यह पाती है कि ये डिजिटल असिस्टेंट्स निष्पक्ष होने के बजाय बायस्ड (Biased) गेटकीपर के रूप में काम कर रहे हैं, तो इन दिग्गज कंपनियों को अपने AI इंटरफेस के डिजाइन में बड़े बदलाव करने पड़ सकते हैं। भारतीय निवेशकों को भी इस पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि वैश्विक टेक दिग्गजों के लिए बने रेगुलेटरी नियम अक्सर अन्य बाजारों के लिए भी बेंचमार्क बन जाते हैं। फिलहाल कंपनियों ने इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन रेगुलेटरी अड़चनें इन बड़े-कैप शेयरों में अनिश्चितता पैदा कर सकती हैं।
