AI सेक्टर में भारी निवेश की होड़ के बीच Amazon ने पहली बार ब्रिटिश पाउंड (स्टर्लिंग) में बॉन्ड जारी किए हैं। हालांकि, इस कर्ज के बढ़ते बोझ और भविष्य के रिटर्न को लेकर अनिश्चितता के चलते कंपनी के शेयर में **1%** की गिरावट दर्ज की गई है।
बॉन्ड मार्केट में पहली एंट्री
Amazon ने अपनी AI और क्लाउड कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए ब्रिटिश पाउंड मार्केट का रुख किया है। कंपनी ने 3, 6, 12 और 19 साल की मैच्योरिटी वाले चार अलग-अलग बॉन्ड जारी किए हैं। इन नोट्स की प्राइसिंग ब्रिटिश सरकारी बॉन्ड से 70 से 110 बेसिस पॉइंट्स ऊपर रखी गई है, जो यह दर्शाता है कि निवेशक कंपनी के रिस्क प्रोफाइल के लिए अब अधिक प्रीमियम की मांग कर रहे हैं।
क्यों है यह कदम अहम?
यह कदम कंपनी की फंडिंग स्ट्रेटजी में बड़ा बदलाव है। अब तक Amazon अपने ऑपरेशंस के लिए कैश फ्लो पर निर्भर थी, लेकिन AI डेटा सेंटर्स बनाने के लिए हो रहे भारी-भरकम 'कैपेक्स' (Capital Expenditure) के चलते अब कंपनी कर्ज का सहारा ले रही है। यह रणनीति Alphabet जैसे अन्य टेक दिग्गजों जैसी ही है, जिन्होंने इस साल पहले ही स्टर्लिंग मार्केट का इस्तेमाल किया है।
मार्केट की चिंता और 'इन्वेस्टर फटीग'
तकनीकी क्षेत्र की कंपनियां इस साल अब तक $200 बिलियन से ज्यादा का कर्ज ले चुकी हैं। इस भारी-भरकम डेट के कारण निवेशकों में 'इन्वेस्टर फटीग' (Investor Fatigue) के संकेत दिख रहे हैं। मार्केट इस बात पर बारीकी से नजर रख रहा है कि क्या ये निवेश लंबे समय में पर्याप्त मुनाफा दे पाएंगे या ये केवल कंपनी के रिसोर्सेज पर बोझ बनेंगे। निवेशकों को अब कंपनी के डेट-टू-इक्विटी रेशियो और भविष्य के मार्जिन पर ध्यान बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।
