वित्त वर्ष 2026 में Air India को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है। गिरती आय और बढ़ते खर्चों के कारण कंपनी का घाटा बढ़कर ₹22,238 करोड़ तक पहुंच गया है, जिसे संभालने के लिए अब Tata Sons ₹10,000 करोड़ से ज्यादा की पूंजी डालने जा रही है।
मुनाफे पर भारी दबाव
वित्त वर्ष 2026 के नतीजे कंपनी के सामने मौजूद गंभीर चुनौतियों को दर्शाते हैं। कंपनी का नेट लॉस पिछले साल के ₹10,858.83 करोड़ से बढ़कर इस साल ₹22,238.23 करोड़ हो गया है। इस गिरावट के पीछे रेवेन्यू में कमी और खर्चों में उछाल बड़ी वजह रहे हैं। कंपनी की टोटल इनकम गिरकर ₹71,869.94 करोड़ रही, जबकि खर्चे बढ़कर ₹93,733.31 करोड़ तक पहुंच गए। इसके अलावा, फॉरेक्स (Forex) मार्केट की उठापटक ने भी चोट पहुंचाई है, जहां कंपनी को ₹7,388.23 करोड़ का नुकसान झेलना पड़ा है।
AI171 हादसे का असर
जून 2025 में हुए AI171 फ्लाइट हादसे का असर कंपनी के ऑपरेशनल और फाइनेंशियल मोर्चे पर साफ दिख रहा है। सुरक्षा मानकों की सख्त जांच और मेंटेनेंस खर्च बढ़ने से मार्जिन पर दबाव बढ़ा है। कंपनी के मुताबिक, एयरक्राफ्ट रिपेयर और मेंटेनेंस का बिल ₹14,976.45 करोड़ तक पहुंच गया है।
मैनेजमेंट में बदलाव और भविष्य की राह
इन चुनौतियों से निपटने के लिए कंपनी ने नेतृत्व में बड़ा बदलाव किया है। सितंबर 2026 में Ethiopian Airlines के पूर्व चीफ Tewolde Gebremariam ने कंपनी के एमडी और सीईओ के तौर पर कमान संभाली है। वे Campbell Wilson की जगह ले रहे हैं।
Tata Sons ने इस कठिन दौर में कंपनी को सहारा देने के लिए ₹10,000 करोड़ से अधिक की पूंजी डालने को मंजूरी दी है। यह फंड कंपनी की 5 से 10 साल लंबी ट्रांसफॉर्मेशन योजना का हिस्सा है, जिसके तहत लीगेसी सिस्टम, फ्लीट मॉर्डनाइजेशन और सप्लाई चेन को दुरुस्त करने का लक्ष्य रखा गया है। निवेशकों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या नया निवेश और मैनेजमेंट का अनुभव कंपनी की लागत संरचना को सुधार पाएगा या नहीं।
